बिहार केर द्वितीय राजभाषा मैथिली होई : डॉ. बैजनाथ चौधरी 'बैजू'
दरभंगा : मैथिली लोक सांस्कृतिक मंच केर तत्वाधानमे दरभंगाक रामाश्रय पब्लिक स्कूलमे शानिदिनसँ द्व…
दरभंगा : मैथिली लोक सांस्कृतिक मंच केर तत्वाधानमे दरभंगाक रामाश्रय पब्लिक स्कूलमे शानिदिनसँ द्व…
मुझे पिने की शौक नहीं पिता हूँ गम भुलाने को ...... शिखर ( गुटखा) पाउच के बिना खाना हजम नै होइत अछि…
बउवा पुछलक , बाबूजी सं, कहियौ, ककरा, कहैत छै - दहेज़ ? बउवा , अहाँ के , विवाह में, जे टाका लैबे, गा…
बाट जोहि जोहि , मोन ऐछ थाकल , मुंह देखे लेल, मोन ऐछ लागल, बौवा, कहिया आयब गाम यौ ? बीटल बसंत पंचमी,…
ग़लती भेल आय हमरा से तकर कुनो जबाब नही आय जकर दुःख -दर्द हम बुझैत छि लोक लाज से भीने मरैय छी दूर द…
मोन पौडेत ऐच्छ, आम के कलम, ओग्रैये छलौं , दिन - राईत, नहिं आब रहलौं, हम गाम के, नहिं आब औ , गाछ छईथ…
हँसे सs तन - मन मय उत्साह के संचार होइत अछि, आर यदि आत्मा सs हँसल जे त ओ दवा सs बेसी फायदेमंद होइत …
आजुक भाग दौर के जिंदगी मs तनाव ग्रस्त रहब आम बात अछि ! जखन हम सब तनाव ग्रस्त रहैत छलो तs कखनो कखनो…
हमर परोसी मधु हर महीना दु महीना म नैहर आबैत छली ! नैहर ऐला के बाद परिवार के बिच अपन ससुराल के बहुत…
किछ महानुभाव अपन ज़िम्मेदारी कए बोझ समझेत छैथ आर किछ महानुभाव ओकरा अपन जीवन के उद्देश्य अपन कर्म आर…
बिना बात - चित के परिवारिक रिश्ता म करुवाहत आम बात अछि ! इये करुवाहत जन्म दै य अवसाद आर तनाव जेहें…
आहा के हँसब कमाल रहे साथी ! हमरा आहा पर मलाल रहे साथी !! दाग चेहरा पर दे गेलो आहा ! हम त सोच्लो गुल…
प्रिय मिथिला बंधूगन...... कुनू भी सफलता ओहिना हाथ नै लागै छई, ओकरा हेतु आवश्यक अछि की अहाक उद्देश्य…
अपन सबहक़ जीवन इश्वर के देल एक सर्वश्रेष्ठ उपहार अछि ! अई जीवन रूपी उद्यान क सुगंध सs परिपूर्ण बना…
चलू, एही सरकार के, अन्तिम बजट भ गेल पेश, जे आशा छल, वैह भेटल, बड नई लागल ठेस॥ गाडी-मोटर भ गेल सस्ता…
आई दिनांक २९/०२/ २००८ कs वित्तमंत्री पी.चिदंबरम २००८ / २००९ के बजट पेश केलैठ ! देखल जाई त बजट के …
मिथिला "बहिन" लोकेन के लेल खाश" समाज मs आहा कतो जाओ आहा क किछ लोग अई तरह के मिलये …
होली उत्सव के उत्पति के कथा हिरण्यकश्यप के बहिन होलिका आर पुत्र प्रह्लाद सs जुरल अछि !! इ पर्व के म…
रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव अइयो बेर लगातार पाँचवा साल किराया मs कुनू वृद्धि नै केलखिन ! लालू प्रस…
गेल जाड़ मांस के कंपकंपी, कूदू फान्दू बउवा येऊ, मादक हवा कही रहल ऐच्छ, आइबे रहल आइछ फगुवा यौ ॥ रंग…