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रुबाई

बहैत धार हमर जिनगी आ कछेर अहाँ सुनबै छी जिनगीक तान बेर बेर अहाँ आँखि मूनल रहै वा फूजले रहै हमर …

रुबाई

कहियो तँ करेजासँ हमरा सटा क' देखियौ हमर नैनासँ अपन नैना मिला क' देखियौ बनि जेतै एकटा इ…

रुबाई

चानक चमक बढ़ि गेल अछि मोनक धमक बढ़ि गेल अछि जहिया सँ हुनकर रूप देखल गामक गमक बढ़ि गेल अछि

रुबाई

राति बीतल जाइए मोन तीतल जाइए हारि बैसल छी हिया प्रेम जीतल जाइए

रूबाइ

जागल आँखि केर सपना बनल जिनगी कुहरल आश केर झपना बनल जिनगी फाटल छल करेज हम सीबैत रहलौँ रूसल सुखक…

रूबाई

कखनो तँ हम अहाँ केँ मोन पडिते हैब यादिक दीप बनि करेज मे जरिते हैब बनि सकलहुँ नै हम फूल अहाँक कह…

कुण्डलिया

निर्मल मोन सँ बाबाजी दए छथि आशीष। खाता नंबर अहाँ लिखू, जमा कराबू फीस। जमा कराबू फीस, बिगडल काज …

रूबाइ

कोना कऽ रंगलक करेज केँ इ रंगरेज, रंग छूटै नै। नैन पियासल छोडि गेल, मुदा आस मिलनक टूटै नै। हमरा …

कुण्डली

सत असत मे भेद करू, राखू नै किछु रोख ततमत नै करू कनियो, जे छै होनी लेख जे छै होनी लेख, हुए से न…

कुण्डली

कुण्डली बोल वचन हुअए नीक, बूझि बाजी जँ बात गुम्म रहनाइए ठीक, हुए जँ नमहर जाल हुए जँ नमहर जा…

कुंडलिया- आशीष अनचिन्हार

कुंडलिया बाप मरल अन्हार मे पूतक नाम पावर-हाउस नोर-माँड़ पिबए माए कनिञा खाए माउस कनिञा खाए माउस ता…

कुंडलिया- आशीष अनचिन्हार

कोनो समय मे हम कुंडलिया लिखैत रहियैक। गजलक फेर मे ओकरा बिसरि गेलियैक। आब मात्रा सही नहि बसि रहल छै…

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