सब सँ सुन्दर अछि जगत में हमर मिथिलाधाम: प्रवीण झा
नभमंडल के असंख्य ताराक मध्य चमकैत चान समान, सब सॅ सुन्दर अछि जगत में हमर मिथिलाधाम । जकरा उत्तर ग…
नभमंडल के असंख्य ताराक मध्य चमकैत चान समान, सब सॅ सुन्दर अछि जगत में हमर मिथिलाधाम । जकरा उत्तर ग…
उत्तर मे अछि डेवढ., फुलपरास दक्षिण, पश्चिम सुदै, तरडीहा पूब में बहै छथि मातु कौशिकी मध्य हमर गाम…
मॉं मिथिले त कनिते रहती, जाबए नै करब सब मिली हुंकार अधिकार त बलिदाने सॅ भेटत, सब मिली के होउ तैयार …
मिथिलाक भोज उत्तम भोजन करै छथि मैथिल दिन, दुपहरिया, सॉझ, पराते भोजक यदि बात करी त', मिथिलाक भो…
हमर आशानन्द भाई हमर आशानन्द भाई, कमौआ ससुरक एकलौता जमाई । मास मे पन्द्रह दिन सासुरे मे डेरा ।…