लूटउ तोहर चैन चाहै (गीत) - वी०सी०झा"बमबम" - मिथिला दैनिक

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शनिवार, 16 जुलाई 2016

लूटउ तोहर चैन चाहै (गीत) - वी०सी०झा"बमबम"


लूटउ तोहर चैन चाहै 
वा मटकउ तोहर नैन
कह किया नहि हम मुस्कि मारब
कि तोरा कहने हम आँचर सम्हारब !
नजरि'क बाण किया होय छउ हिया पार
चल पहिने तूं बउआ अपन दिल कैंऽ सम्हार !!
कह किआ नहि हम मुस्कि मारब,
कि तोरा कहने - - - -

इ तोहर छउ आदति खराब
बउआ अपन तों आदति सुधार !
देखि - दिखि हमरा झिटकी नहि मार,
कहि बाबू संऽ उतरबा देबउ नेहक बोखार !
कह किआ नहि हम मुस्कि मारब,
कि तोरा कहने - - - - -

एहि कोयली'क बोल लगतउ,
 तोरा हिया मे आब गोली सन !
सपने तोरा रहतउ बउआ लागल
आयव हमर घर तोहर, डोली'क संग !
बाट घाट जूनि एना तों हमरा आँखि मार ,
कि सोचतहि कह इ सगर जिला - जवार !
कह किआ नहि हम मुस्कि मारब !
कि तोरा कहने - - - - -

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