20
चिकड़ि रहल अछि शब्द आबि क’
निन्न पड़ल निश्बद्द राति मे।
अछि उदंड, उत्श्रृखल सबटा
नहि बूझत किछु बात राति मे।
केना करु हम बंद कान के
उतरि जाइत अछि हृदय वेदना।
बैसि जाइत छी तैं किछु लिखय
छीटल शब्द हमर अछि सेना।
कखनो कोरा मे घुसिया क’
बना लैत अछि कविता अपने
जुड़ल जाइत अछि क्लांत हृदय मे
शब्द शब्द के हाथ पकड़ने।
कविता मे किछु हमर शब्द के
नहि व्याकरणक ज्ञान बोध छै।
सबटा नग्न, उघार रौद मे
नेन्ना सन बैसल अबोध छै।
कखनो शब्द आबि क’ अपने
जड़ा दैत अछि प्रखर अग्नि मे।
कखनो स्नेह,सुरभि,शीतलता
जगा दैत अछि व्यग्र मोन मे।
क्षमा करब जौ कष्ट हुए त’
पढ़ि क’ कविता शब्दक वाणी।
शब्द ब्रह्म अछि नहि अछि दोषी
छी हमही किछु कवि अज्ञानी।

मिथिला दैनिक क' समाचार ईमेल द्वारा प्राप्त करि :

Delivered by Mithila Dainik

  1. अहाँक आगमन मोन झुमा देलक,

    उत्तर देंहटाएं
  2. कखनो कोरा मे घुसिया क’
    बना लैत अछि कविता अपने
    जुड़ल जाइत अछि क्लांत हृदय मे
    शब्द शब्द के हाथ पकड़ने।
    कविता मे किछु हमर शब्द के
    नहि व्याकरणक ज्ञान बोध छै

    aha ha

    उत्तर देंहटाएं
  3. चिकड़ि रहल अछि शब्द आबि क’
    निन्न पड़ल निश्बद्द राति मे।
    अछि उदंड, उत्श्रृखल सबटा
    नहि बूझत किछु बात राति मे।
    केना करु हम बंद कान के
    उतरि जाइत अछि हृदय वेदना।

    ahank aagman ehi blog ke sundar bana delak

    उत्तर देंहटाएं
  4. shabdak chhi saudagar ahan rahi katay nukayal,
    bajoo baajoo kavi ji ahan,
    dosar kavita l;ay kahiya aayab

    उत्तर देंहटाएं
  5. चिकड़ा-भोकड़िक शब्द जाल में, सभ साहित्य समाहित अछि
    उत्कृष्ट शब्द आ एक एक अक्षर, सुंदर आ अनुशासित अछि

    नव नव रचना पढ़ितहुँ मैथिलि के, से नेना में रहय उमंग
    इन्टरनेट के एहि विकसित युग में, छी गौरवान्वित पाबि अपने सबहक संग

    उत्तर देंहटाएं
  6. सतीश चन्द्र झा जी अपनेक कविता के बखान करवाक लेल सब्द नहीं अच्छी

    उत्तर देंहटाएं
  7. शब्द ब्रह्म अछि नहि अछि दोषी
    छी हमही किछु कवि अज्ञानी।........Hamar favourite line.

    Bahut neek kavita ai'chh.Humara bad neek lagal.Ahaan ke kavita sab kavita ke gangotri laig rahal ai'chh. Ahan शब्द se shuruat aur शब्द se aant ka deliyei kavita ke...theek baat kahliyei.. शब्द brahma ai'chh.

    Keep it up. We are yearning for few more lines to flow from your pen.

    उत्तर देंहटाएं
  8. आइ हमरा अपना पर गर्व भय रहल अछि की हम आहॉ के भगिनी छी। बच्चे सॅ आहॉ के कविता अौर गीत सुनि कय और गाबि कय पैघ भेलौ॑। आइ महसूस भेल कि आहॉ के इ शब्दक सेना असाधारण अछि। ओहि मे विश्व विजय के छमता छै। हमर सब गोटा के आहॉ सॅ येह अनुरोध अछि कि आहॉ अपन सेना के लय आगू बढू और एक नव युगक के निर्माण करू।

    रजनी पल्लवी (पम्मी)

    उत्तर देंहटाएं
  9. bahu t nik lagal ...kavita aa sabd rachana.

    उत्तर देंहटाएं
  10. Ashish Kumar Jha (Vibhujee)10 मार्च 2009 को 12:00 pm

    Ahan apan rachna san shabd ke jivit kay deliyaik. Jena jena kavita hum aga padhait gelaun.... anubhav bhel, kavi ta matra eakta madhyam chhaith sabta karya tay sabd kay rahal achhi.Sabdak sunder, sajiv chitran achhi Eak eak shabd santulit aa sundar achhi.

    Hum ki khaoo ahaan ke...
    padhait padhait gala bhari ayal

    उत्तर देंहटाएं
  11. Tutal bikhral, shabdak joral,
    chi senani shbdak kavivar ,
    Trishna Mithya Ke Tori chalu,
    Likhu ahina mithila Dinkar..

    Shabdak Atikraman aa bilupt hoit mithili kavita ke ek ta nav roop devak lel dhanyabad. Pushpak mala jenka ek ek shabd guthal.Shshakt abhivyakti aa hridaysparshi muda kathor prahar ohi samuday par je shabdak marm hriday hot karait chaith.
    ..Ehina Nav nav tarksangat rachna likhu , hamra taraph say rating achi ***********....

    उत्तर देंहटाएं
  12. Shabdak Atikraman aa bilupt hoit mithili kavita ke ek ta nav roop devak lel dhanyabad. Pushpak mala jenka ek ek shabd guthal.Shshakt abhivyakti aa hridaysparshi muda kathor prahar ohi samuday par je shabdak marm hriday hot karait chaith.
    ..Ehina Nav nav tarksangat rachna likhu , hamra taraph say rating achi ***********....
    Hats off
    Alok from Dubai

    उत्तर देंहटाएं
  13. your two poem in maithili touched the very core of my heart.Specially "nav aa jeevan" through which you have drawn a vivid picture of life and death ,appled me more. Hoping you shall be serving maithili in future also and waiting for your another poem.

    उत्तर देंहटाएं

मिथिला दैनिक (पहिने मैथिल आर मिथिला) टीमकेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, पाठक लोकनि एहि जालवृत्तकेँ मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय आ सर्वग्राह्य जालवृत्तक स्थान पर बैसेने अछि। अहाँ अपन सुझाव संगहि एहि जालवृत्त पर प्रकाशित करबाक लेल अपन रचना ई-पत्र द्वारा mithiladainik@gmail.com पर सेहो पठा सकैत छी।

 
#zbwid-2f8a1035