नेओक पाथर (हाइकू–कविता) - मिथिला दैनिक

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मंगलवार, 10 मई 2011

नेओक पाथर (हाइकू–कविता)

१.
नेओक ईंट
गड़ल माटितर
भार उठोने ।

२.
बिनु विषाद
निर्विकार मोनसँ
जान लगोने ।

३.
जहिना छल
तहिना पूर्ववत
प्राण सुखोने ।

४.
खसै ने केओ
धसल सम्हरल
ध्यान लगोने ।

५.
देखैअ लोक
उपरका गजुर
रंग पोतौने ।

६.
हँ उठा हाथ
हँसैअ देखहक
कते दबोने ।

–बृषेश चन्द्र लाल