कुण्डली
बोल वचन हुअए नीक, बूझि बाजी जँ बात
गुम्म रहनाइए ठीक, हुए जँ नमहर जाल
हुए जँ नमहर जाल, लेत ओ लप दऽ भीतर
हल्ला बनि जाएत, नै अछि जँ बेर उचित पर
सुनू हमर ई बात, बात होइए अनमोल
ऐरावत कहि जाय, कहू नै ओल सन बोल
बोल वचन हुअए नीक, बूझि बाजी जँ बात
गुम्म रहनाइए ठीक, हुए जँ नमहर जाल
हुए जँ नमहर जाल, लेत ओ लप दऽ भीतर
हल्ला बनि जाएत, नै अछि जँ बेर उचित पर
सुनू हमर ई बात, बात होइए अनमोल
ऐरावत कहि जाय, कहू नै ओल सन बोल
sundar rachna
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