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दरभंगा। 09 दिसम्बर। [उमाकांत झा 'बक्शी'मिथिला मैथिल पर कार्य केनिहार हजारो हजार संगठनन मे मिथिलाक राजनैतिक सशक्तिकरण लेल कार्य करयबला संस्था बहूत कम अछि, तैं मिथिला रीजनीति मे पिछड़ि गेल, सत्ता सँ उपेक्षित अछि, आ अविकसित अछि, आ जाबत मिथिला में मैथिल राजनीतिकरण सशक्त नै होयत ताबत मिथिला राज्य संभव नै अछी, तै मिथिला समागम मंच सिर्फ मिथिला के राजनैतिक सशक्तिकरण लेल प्रतिवद्ध अछि, आम मैथिल संगठन जे कहैत छथि हम राजनीति नहि करैत छी वास्तव मे चिंतन करी तँ एकर लाभ मिथिला के उपेक्षा केनिहार राजनैतिक दल उठा रहल छथि, हम सब कियो एहि दलक कियो ओहि दलक मोहरा बनल छी आ आपस मे एक दोसर के निंदा करैत छी, मिथिला समागम के उद्देश्य मिथिला के मान सम्मान मिथिला के राज्यक दर्जा मे स्थानक लेल एकता आ संघर्ष अछि, आउ हम सब मिलिकय एकरा सशक्त करी जय मिथिला । जय जय मिथिला राज्य ।

एक बेर पुन: स्पष्ट करी मिथिला समागम मे सहभागिताक लेल आमंत्रण कार्ड नहि बनल अछि, कियक की समागम एक टा मंच छै संस्था नई, तैं एही सूचना के आमंत्रण बूझि संगहि अपन कर्तव्य बूझि समागम मे सहभागी बनी ।

मिथिला राज्यक हम सेनानी
सत्ता   सँ  ताबत करब संग्राम।
जाबत  भारत  के  नक्शा मे
अंकित नहि होएत मिथिला राज्य के नाम।

अपने सब लोकनि सॅ आग्रह जे 10/11 दिसम्बर के मिथिला समागम मे भाग ली ।

स्थान  अखिल भारतीय मैथिली साहित्य परिषद परिसर दिघ्घी पश्चिम दरभंगाक रेलबे टीशन सॅ दक्षिण पश्चिम कोन ।लगभग एक किलोमीटर ।
संयोजक,

श्री  उदय शंकर जी,
श्री कमलेश जी,
श्री उमाकांत झा 'बक्शी',

मिथिला समागम 10 दिसंबर क सुवह 11 बजे सँ प्ररंभ होयत, आ 11 दिसंवर क संध्या 4 बजे समाप्त होयत।

संपर्क सूत्र, 
उदय शंकर जी- 9709633096
कमलेश जी- 9304 696537
प्रेम नारायण जी -9836656695

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