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सहरसा। 09 दिसम्बर। [राहुल झा] प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर क' 500 आर  1000 टक्का केँ पुरनका नोट क' बैन करबाक फैसला क' एक मास पूरा होयबाक बावजूद आम जनता क' कैश कमी केर समस्या सँ राहत भेटब नजरि नहि आइब रहल अछि। एखनहुँ बैंक व एटीएम केँ बाहर नमहर - नमहर लाइन लागि रहल अछि आर लोग सभ क' कैश नहि भेट रहल छैन्ह। नोटबंदी केँ फैसला सँ किसान आर ग्रामीण इलाका म' लोग बहुत बेसी परेशान भ' रहल छैथ।

नोटबंदी केँ कारण किसान सभक हालात बद सँ बत्तर भेल जे रहल छैन्ह।   आय बनगाँव केँ एक किसान राजा राम झा जी सँ बात भेल, ओ कहला कि बनगाँव केँ किसान सभक फसल खरीदनिहार कियो नहि छैथ। गामक  किसान सभ अप्पन फसल कौड़ी केँ भाव म' बेच रहल छैथ, जाहि सँ किसान सभ क' नुकसान भ' रहल छैन्ह। 

नोटबंदी केँ असर सभ सँ बेसी किसान सभ पर परल छैन्ह। किसान सभ अप्पन धानक फसल नही बेच पाइब रहल छैथ। नोटबंदी सँ जनमल समस्या एहेन विकराल रूप ध लेना अछि कि भारतीय  किसान निरतंर आत्महत्या क' रहल छैथ। सरकार क' एहि समस्या केँ जल्द सँ जल्द निवारण करबाक चाहि।

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