राष्ट्रगान क ह्रदय स नमन - मिथिला दैनिक

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रविवार, 20 मार्च 2016

राष्ट्रगान क ह्रदय स नमन


हम अहाँ सब क किछ कहै स पाहिले राष्ट्रगान क महत्त्व कहैत छी,कृपया ध्यान स पढब,
राष्ट्रगान क महत्त्व:-
                        'जन-गण-मन' भारत क राष्ट्रगान ऐच्छ। राष्ट्रगान मूलरूप स श्री रविन्द्रनाथ टैगोर जी द्वारा बंगाली भाषा म रचना कएल गेल। जन-गण-मन क हिंदी अनुवाद संविधान सभा द्वारा भारत क' राष्ट्र गान क' रूप में 24 जनवरी 1950 क' अंगीकृत कएल गेल। 
'जन-गण-मन' प्रथम बार 27 दिसंबर 1911 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस क' कलकत्ता अधिवेशन म' गायल गेल। जन-गण-मन क' पूर्ण गीत म 5 छंद ऐच्छ। प्रथम छंद म राष्ट्र गान क' पूर्ण संस्करण समाहित ऐच्छ। राष्ट्र गान क पूर्ण संस्करण क पूर्ण करय क समय 52 सेकंड क होइत ऐच्छ।
भारत का राष्ट्रगान निम्न ऐच्छ: 
"जन गण मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्यविधाता
पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा
द्राविड़ उत्कल बंगा
विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंगा
तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशीष मागे
गाहे तव जयगाथा
जन गण मंगलदायक जय हे
भारत भाग्यविधाता
जय हे, जय हे, जय हे
जय जय जय जय हे!"