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केलौं कोन कसूर जे हमरा बिसरि गेलियै
किए अहाँक चितसँ हम उतरि गेलियै
हमर नब परिधान सिंगार मनोहर
गम गम गमकै बगिया ओई पर
कतय हवा जकाँ अहाँ ससरि गेलियै
किए अहाँक चितसँ.............
नैनक काजर पूछि रहलए
निर्मोही नै किए आबि रहलए
नैनक नीर बनि क' अहाँ झहरि गेलियै
किए अहाँक चितसँ ...........

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