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चलू मैयाक करू सिंगार, आश्विन आबि गेलै
आउ मंदिर करू तैयार, आश्विन आबि गेलै
हम सब दुखी छी, माँ अहाँ दुखहंता
आब नैए हमरा कोनो बातक चिंता
माँ सुनबे करती पुकार, आश्विन आबि गेलै
चलू मैयाक .................ै
बड्ड सोभैए माँ दरबार अहाँ केर
अछि सब पर उपकार अहाँ केर
छै भक्तक लागल कतार, आश्विन आबि गेलै
चलू मैयाक .................ै
गंगाजलसँ माँकेँ चरण पखारब
दुर्गा भवानी नित नाम उचारब
माँ केँ पूजा करैए संसार, आश्विन आबि गेलै

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