अजय ठाकुर (मोहन जी)- गजल - मिथिला दैनिक

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शनिवार, 5 नवंबर 2011

अजय ठाकुर (मोहन जी)- गजल

आहाक मीठ-मीठ याद में खोकर हम तऽ तनहा जी लै छी

याद बॅड जखन आबाई या तखन दु घोट शराब हम पी लै छी

आहाक मीठ-मीठ याद में खोकर हम तऽ तनहा जी लै छी

मिलयै जखन कनियो गम हमरा, याद आहाके कऽ लेल करे छी

लाख कहै दुनियाँ हमरा लेकिन, हम होट के सिब लैत छी

आहाँक मीठ-मीठ याद में खोकर हम तऽ तनहा जी लै छी!

आहाँक बितल याद में खोकर एक, मीठा दर्द हम पा लै छी

आहाँक छोट-छोट चिट्ठी के पैध कऽ कखनो क हैस लै छी

आहाक मीठ-मीठ याद में खोकर हम तऽ तनहा जी लै छी

किया छोरि देलो तन्हा हमरा, आहाँक तस्वीर सऽ कैह दै छी


रचनाकार :- अजय ठाकुर (मोहन जी)

अजय ठाकुर (मोहन जी)
ग्राम+पोस्ट - भाल्पट्टी
जिला - दरभँगा