बात किछु बुझय नै
मुदा झुठमुठमे
या या यप यप करैत जाइ छी
हम बजैत छी मैथिली
अहां इंग्लिश किये बतियईत छी
मिथिला अछि एकटा
सुन्दर दुलहिन
मथिली भाषा अछि
एकर माथक बिंदी
हम बजैत छी मैथिली
अहां बजै छी किये हिंदी
माएक बोली अहां गेलौं बिसरी
आनक भाषा लगैय मिसरी
अहां भेलौं केहन परचट
आनक भाषा बजैत छी फटाफट
हम बजैत छी मैथिली
अहां नेपाली किये बतियाई छी
माएक बोली तित लगैय
आनक भाषा मीठ लगैय
मिथिलाक जन जन छी मैथिल
भारत बसु चाहे नेपालमे रही
सैद्खन अपन माएक बोली
मैथिली भाषाक समान करी
रचनाकार:-प्रभात राय भट्ट

सुन्दर प्रभात जी
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