हम नै ज्याब आब मेला अकेला@प्रभात राय भट्ट - मिथिला दैनिक

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शनिवार, 6 अगस्त 2011

हम नै ज्याब आब मेला अकेला@प्रभात राय भट्ट


यौ  पिया हम नै ज्याब आब मेला अकेला
मेलामें देखलौं पिया बड बड अजगुत खेला
आदमी पैर आदमी रहे ठेलमठेल
बिचमें छौडा सभ करैत  धुरमखेल
यौ पिया हम नै ज्याब आब मेला अकेला २

दरुपिबा सभ केलक बड़ा हुलदंगा
केलक हमरा छेड़खानी लुचालाफंगा
कियो मारैय टिहकारी कियो मारैय पिहकारी
मटकी माईर माईर बोलाबे हमरा छौडाछेबारी
यौ पिया हम नै ज्याब आब मेला अकेला २

प्रेमी मग्न भेल गाबैत रहे पिया मल्हार
चोरबा लक भागल ओकर गिरमल्हार
कान ककरो चिरल नाक रहे फारल
चाई चंडाल गहना लक सभटा भागल
यौ पिया हम नै ज्याब आब मेला अकेला २

गंजा भांग पिने बुढ्बो अपने मोन मतंग
बड बड लीला भेल कनिया बहुरियाक संग
छौडा सभ केलक पिया हमरो बड तंग
आँखी सं देख्लौ पिया ई सभटा खेला
यौ पिया हम नै ज्याब आब मेला अकेला
रचनाकार:-प्रभात राय भट्ट