मेलामें देखलौं पिया बड बड अजगुत खेला
आदमी पैर आदमी रहे ठेलमठेल
बिचमें छौडा सभ करैत धुरमखेल
यौ पिया हम नै ज्याब आब मेला अकेला २
दरुपिबा सभ केलक बड़ा हुलदंगा
केलक हमरा छेड़खानी लुचालाफंगा
कियो मारैय टिहकारी कियो मारैय पिहकारी
मटकी माईर माईर बोलाबे हमरा छौडाछेबारी
यौ पिया हम नै ज्याब आब मेला अकेला २
प्रेमी मग्न भेल गाबैत रहे पिया मल्हार
चोरबा लक भागल ओकर गिरमल्हार
कान ककरो चिरल नाक रहे फारल
चाई चंडाल गहना लक सभटा भागल
यौ पिया हम नै ज्याब आब मेला अकेला २
गंजा भांग पिने बुढ्बो अपने मोन मतंग
बड बड लीला भेल कनिया बहुरियाक संग
छौडा सभ केलक पिया हमरो बड तंग
आँखी सं देख्लौ पिया ई सभटा खेला
यौ पिया हम नै ज्याब आब मेला अकेला
रचनाकार:-प्रभात राय भट्ट

bad neek ye
जवाब देंहटाएंएक टिप्पणी भेजें
मिथिला दैनिक (पहिने मैथिल आर मिथिला) टीमकेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, पाठक लोकनि एहि जालवृत्तकेँ मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय आ सर्वग्राह्य जालवृत्तक स्थान पर बैसेने अछि। अहाँ अपन सुझाव संगहि एहि जालवृत्त पर प्रकाशित करबाक लेल अपन रचना ई-पत्र द्वारा mithiladainik@gmail.com पर सेहो पठा सकैत छी।