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जखन
कि सेवानिवृति के बाद लोक रहि सकैछ
आराम
सं घर में आपन परिजनक संग
ओल्डहोम
में बैसल एकटा वृद्ध
सोचैत
अछि दुनियाक घृणा आ प्रेम

कोठरी एकटा बोधिवृक्ष अछि
जतय
ओ पवैत अछि जिनगीक निस्सारताक ज्ञान
थाकल
-ठेहियाएल सपना सभ
नचैत
अछि ओकर बुढायल आंखि में
एहि
शहरक घर में जीवैवाला लोक सभ
नहि
बुझि सकैछ ओकर अनिद्राक कारण
आइ
-काल्हि ओकर मोन कागतक नाव जकां
डुबैत
-उतराइत रहैत छैक
एकटा
क्षीणकाय धार मे
सुख
-दुख, पाओल-हेरायल, कुचक्र-यंत्रणा, नाच-गान
सभ
किछु मोन पड़ैत रहैत छैक ओकरा
जिनगीक
छोट-छोट खंड में
कतेक
रूप कतेक रंग में

ओ प्रायः भसियाबय लगैत अछि।

सोचैत अछि प्रेम -
जे
नहि क सकल जिनगी भरि

सोचैत अछि कर्तव्य
जे
पूरा करबाक पछातियो भेटलैक ओकरा उपेक्षा

सोचैत अछि संगी-साथी, परिवार, संबंध-बंध
जकरा
सभ से ओकरा भेटलैक अगबे दुख
ओकरा
होइत छैक ग्लानि
जिनगी
में कयल अपन कोनो गलती पर
कौखन
-काल ओ पूछैत अछि अपनहि सं -
आखिर
की थिक ई जिनगी?
सदिखन
आगिक धार के पार करब थिक
अथवा
नेनपनक गुड्डी लूटबाक थिक कौशल

कि थिक एकटा गीत -
जे
कहियो चढ़ि नहि सकल लय पर

कि एकटा नाटक थिक
जकर
पटाक्षेप होइत छैक दुखांत
की
थिक ई जिनगी?
किशोर
वयसक प्रेम आ कि प्रौढ़ वयसक कर्तव्यपरायणता
अथवा
दीनताक रेगिस्तान में तपैत बालु पर चलब

कि समृद्धिक रंगीन कुहेस में भुतिआएब थिक जिनगी?
सभटा
स्मृति गड्डमड्ड भ रहल अछि

ओ सदिखन करैत अछि
अपनहिं
संततिक तीर सं घायल भीष्म जकां
आइ
-काल्हि मृत्युक प्रतीक्षा
मुदा
मृत्युओ अछि अखन ओकरा सं दूर
बहुत
दूर... अपना परिजने जकां।

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