नारी - मिथिला दैनिक

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बुधवार, 12 अगस्त 2009

नारी

चाँद छि अहाँ तारा छि अहाँ
हमर मोनक सहारा छि अहाँ
रूपके वर्णन कहैत अछि
दुनिया के सितारा छि अहाँ !!
माँ कहै छैथ घरक लक्ष्मी छि अहाँ
आस - पास के लोग करै य चर्चा अहाँ के
जानकी नगरी क नारी छि अहाँ!!
कमल पुष्प सं सुशोभित अंग अहाँ के

कहैय म दुविधा नय वीणापाणी छि अहाँ!
अहल्या केर की बात करी,
द्रोपदी सं पंचाली छि अहाँ
सीता त उपमा मात्र छैथ,
अहि दुनिया के तारा छि अहाँ!!
भारती त शंकराचार्य के जितालैन
दुर्गा देवी के सामान छि अहाँ!
मुख सं निकलै स्वर अनमोल,
कोकिल कहबै छि अहाँ!!