मैथिली गीतिकाव्य क' आगू बढ़ा रहल छथि मणिकांत झा - मिथिला दैनिक

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मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

मैथिली गीतिकाव्य क' आगू बढ़ा रहल छथि मणिकांत झा

नई दिल्ली। 12 दिसम्बर। मैथिली भाषा गीतिकाव्य परंपरा क' आकाशवाणी दरभंगा केँ संवाददाता व भारत निर्वाचन आयोग केर आइकन आओर प्रख्यात गीतकार मणिकांत झा लगातार आगू बढ़ा रहल छथि। समसामयिक विषय आओर मिथिला केर परंपरा क' समेटल हुनकर तेसर पोथी लोग सभकेँ पढ़बाक लेल विवश क' रहल अछि। ई बात समीक्षक लोकनि पोथीक समीक्षाक क्रम मे कहलनि।
  
नई दिल्ली मे सामाजिक एंव सांस्कृति संस्था सुगति सोपान केर  तत्वावधान मे मणि गीत रचना महोत्सव केर आयोजन कायल गेल।  कार्यक्रम केर उद्घाटन करैत भारत तिब्बत सीमा पुलिस केँ अपर महानिदेशक राकेश कुमार मिश्र कहलनि कि देशक संस्कृति केर मूल मे मिथिलाक संस्कृति अछि। मिथिलाक दीप सँ पूरा विश्व प्रकाशित होयत आयल अछि, मणिकांत झा ओहि कड़ी क' आगू बढ़बैत मणिशृंखला चला रहल छथि जे प्रसंशनीय अछि। राकेश कुमार मिश्र आगू कहलनि कि हमरा सभ प्रवासी मैथिल क' संगठित भ' मिथिला आओर मैथिली केर  विकास मे निष्ठापूर्वक सहयोग करबाक चाही।   

कार्यक्रम मे विशिष्ट अतिथि केर रुप मे उपस्थित सर्वोच्च न्यायालय केँ अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्र कहलनि कि मिथिला वासी सभकेँ अप्पन आत्मविश्वास क' आओर बेसी मजबूत करबाक जरुरत अछि।

महात्मा गांधी शिक्षण संस्थान दरभंगा द्वारा प्रकाशित मणिशृंखला के एहि समीक्षा महोत्सव मे समीक्षक वागेश्वर झा श्रीदेव, विष्णुदेव झा विकल, डॉ. जयप्रकाश चौधरी जनक,  कल्पना झा, अशोक ज्योति, कैलाश मिश्र आओर सबिता सोनी द्वारा मणिशृंखला केर पोथी  गीतमणि, नीलमणि, मीतमणि, वोटमणि, स्वच्छमणि, फागमणि, मधुमणि, रुद्रमणि, मुक्तिमणि, नवरात्रमणि, दहेज मुक्तमणि, जगदंबमणि आओर  छठिमणि पोथी सभक समीक्षा करैत रचना सभक विभिन्न आयाम केर चर्चा केलनि। 

समीक्षक सभ एहि क्रम मे रचनाकार के सारस्वत श्रम केर प्रसंसा केलनि।  की। सुगति सोपान केर  अध्यक्ष व लेखिका कुमकुम झा कहलनि कि दिल्ली मे रहनिहार प्रवासी मैथिल मैथिली गीतिकाव्य परंपरा सँ अवगत होयथ, ऐहिकेँ ध्यान मे राखैत ई आयोजन कायल गेल। आगा ओ कहलनि  कि साहित्य व सांस्कृतिक विरासत क' सहेजब आओर ओहिक परिमार्जनक लेल हमरा सभक संस्था लगातार काज क' रहल अछि।

कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद केँ उपाध्यक्ष करण सिंह तंवर अप्पन उद्बोधन मे कहलनि कि दिल्ली मे  मैथिल सभ प्रवासी केँ रुप मे रहितो अप्पन अलग पहिचान बना क' राखने अछि।  

एहि अवसर पर मैलोरंग नई दिल्ली सँ प्रकाशित मैथिली केँ युवा साहित्यकार अखिलेश झा केँ पोथी नीरभरल नयन केर लोकार्पण सेहो कायल गेल। ओतहि, भाजपा नेता श्री गोपाल झा, प्रदीप चौधरी, प्रकाशक हीरा कुमार झा आओर प्रकाश झा सेहो अप्पन - अप्पन विचार राखला।  दीप प्रज्ज्वलन केर घरी वेद मंत्रोच्चार कुमार गंधर्व केलनि। स्नेहा झा गोसाउनिक गीत आओर स्वागत गीत गाबी सभक मन मोही लेलीह। 
एहि मौका पर डॉ. पवन कुमार झा, रंजीत कुमार, अमृता मिश्र , नीलम झा, तपन कुमार,  सुभाष झा, अमित आनंद, सतीश कुमार झा, संतोष कुमार झा, रौशन कुमार, नवीश मिश्र, गणेश कुमार, किशलय कृष्ण सहित बहुतो रास अतिथि लोकनि क' मिथिला परंपरा सँ सम्मानित कायल गेल। प्रवीण कुमार झा केर धन्यवाद ज्ञापनक पश्चात कार्यक्रम केर समापन स्नेहा झा द्वारा   रचनाकार मणिकांत झा रचित समदाउन गाबिकेँ कायल गेल।