जीवन (मैथिली कविता) : अजीत झा - मिथिला दैनिक

Breaking

शनिवार, 23 दिसंबर 2017

जीवन (मैथिली कविता) : अजीत झा

इ छनिक वेग,
दुःख समवेदना के मेघ,
झर – झर बही रहल आयछ, दुनु आयख स,
छट-पटा रहल आयछ बिना पयख क,
येह आयछ जीवनक प्रवाह,
कखनो प्रबल,
कखनो अबाह,

नई खोयट पायब रहल छि,
नई घोयट पायब रहल छि,
सुख-दुःख रूपी ज्वार-भाटा के,
दू बेर के आटा के,
येह आयछ जीवनक स्वभाव,
कखनो सूखी-संपन्न,
कखनो अभाव,

गंभीर बनल बैसल छि,
चक्रब्यूह में पैसल छि,
चईल रहल आयछ युद्ध,
कते आयछ संग कते विरुद्ध,
येह आयछ जीवनक प्रकार,
जीवनक ई व्यवहार,
करू स्वीकार या प्रहार,

लेखक केँ संक्षिप्त परिचय...
नाम : अजीत झा
गाम : बड़की तरौनी (दरभंगा)
हिनक एकटा कविता संग्रह  'मेरा गांव मेरे खेत' हिन्दी मे प्रकाशित अछि आओर दोसर कविता संग्रह प्रकाशनाधीन अछि।