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मुंबई। 14 अक्टूबर। [जितमोहन झा (जितू)] मैथिल वृन्द कने ध्यान दी, अपने सभकेँ बुझल अछि जे "दहेज मुक्त भारत" नामक अभियान केर शुरुआत 13 अगस्त 2015 क' आनन्द झा एक व्हाट्सअप ग्रुप सँ केलनि, जाहि अभियान क' आगू बढ़ेबाक लेल हुनक मदैद श्रवण झा, सुनील झा 'मैथिल', अभिनन्दन मिश्र केलनि।

उपरोक्त चारो गोटा "दहेज मुक्त भारत (DMB)" के संस्थापक सदस्य छथि।  ई चारो गोटा एहि अभियान क' आगू बढ़बैत लाखो मैथिल क' एहि अभियान संग जोड़लथि। ई सभ गोटा सदिखन समाज क' जागरूक करबाक प्रयास केलथि आओर एखनहुँ क' रहल छथि। 

अपने क' बता दी कि एहि अभियानक विस्तार लेल अभिनन्दन मिश्र  मनिष चौधरी क' एहि अभियान सँ जोड़लथि, मनिष चौधरी एक वकील छथि एहि उद्देश्य सँ हिनका जोड़ल गेल की ओ एहि अभियान क' नीक दिशा निर्देश देथिन। ऐहिक संगे अभियानक विस्तार लेल आनन्द झा समाजसेवी अनिल मिश्र क' एहि अभियान सँ जोड़लथि। अभिनन्दन मिश्र आओर आनंद झा केर मानब छलैन्ह जे हिनका दुनू गोटाक दिशा निर्देश म' अभियानक राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार होयत। 

प्राप्त खबैर केर मुताविक किछु मासक बाद अनिल मिश्र आओर मनिष चौधरी केर मोन म' लालच समा गेलनि आओर ई दुनू गोटा "दहेज मुक्त भारत (DMB)" क' कमाई केर नजरि सँ देखा लागलथि। एहिठाम स' एक नवा अध्याय केर शुरुआत भेल। अनिल मिश्र नगरपालिका सँ दलाल केर माध्यम सँ गुमास्ता (एक तरहक सार्टिफिकेट जे ऐहिक अधिकार दैत अछि कि अहाँ अप्पन एरिया म' सामाजिक काज क' सकैत छी) बनेलथि। ऐता हम कहे चाहब कि दलाल केर माध्यम सँ ओ गुमास्ता एहिलेल बनेलथि किएक जे सीधा नगरपालिका सँ बनेबाक लेल बहुत रास डॉक्यूमेंट केर जरुरत पड़ैत अछि। 

गुमास्ता बनबेलाक बाद ई सभ डी.एम.बी - वैदेही नामक बैंक खाता खोलेलनि। खाता खुजलाक बाद ई सभ कन्या आओर वरक पिता सँ 500 - 500 टाकाक वसूली करब शुरू केलनि।  500 - 500 टाकाक वसूली ई कहिके कायल गेल कि 500 टाका देब त' वर - कन्याक पसिन के बायोडाटा हमसभ देब। 

एहि वसूली पर जखन समाज अनिल मिश्र क' थू थू केलनि तहन ओ दोसर चाल चललैथ। अनिल मिश्र सभसँ पहिने एहि अभियान केर जन्मदाता आनन्द झा पर फुइस फटक आरोप लगा कहलनि कि किछु दिनक लेल अहाँ अध्यक्ष पद छोइर दिआ, 6 मासक बाद फेर सँ अप्पन पद ग्रहण क' लेब। ऐहिक बाद ओ अभिनन्दन मिश्र क' दपोर शंख कहि हुनको कात क' देलनि, एतबो स' जखन हुनक मोन नहि भरल तेँ ओ अगिला चाल चलैत श्रवण झा आओर सुनील झा मैथिल क' बदनाम करि दुनू क' कात क' देलनि। एहिठाम सभकियो कने ध्यान दी, "दहेज मुक्त भारत (DMB)" केर चारो संस्थापक सदस्य क' ई सभ एक साजिश केर तहत कात क' देलनि। 

अपने क' बता दी एहिठाम सँ नवा अध्याय केर शुरुआत भेल। जाहि व्हाट्सअप ग्रुप स' एहि अभियानक शुरुआत भेल छल, आनन्द झा द्वारा बनाओल गेल ओ 150 व्हाट्सअप ग्रुप क' ई सभ बंद करा देलनि सेहो आनन्द झा केर हाथे। ग्रुप बंद होमै स' पहिने ई सभ 150सो ग्रुपक सभ सदस्य के मोबाइल नंबर लिख राखी लेना छथि। आनन्द झा जहिना पुरनका सभ ग्रुप बंद केलनि ई सभ  पुनः नवा ग्रुप बना सभके फेर सँ जोइर देलनि, जाहि स' चारो संस्थापक सदस्य क' दूर राखल गेल।  

ऐता स' हिनका सभक कमेबाक जरिया शुरू भ' गेल। ई सभ "दहेज मुक्त भारत (DMB)" केर सदस्यता अभियान शुरू केलनि आओर समाज क'  बेवकूफ बना सदस्यता शुल्क केर नाम पर 100 - 100 टाकाक वसूली शुरू केलनि। प्राप्त खबैर केर मुताविक 10 हजार रशीद मुम्बई सँ बाहर के टीम क' पहुंचाओल गेल अछि आ हर नवा सदस्य केर ऊपर ई नियम लगाओल गेल अछि कि ओ 10 सदस्य क' संगठनक सदस्यता दियेता। अपने क' बता दी कि सदस्यता शुल्क केर नाम पर जमा होमै बला सभ पाई अनिल मिश्र केर खाता म' जमा भ' रहल अछि। 

एहिठाम हम समस्त मैथिल समाज क' कहे चाहब कि "दहेज मुक्त भारत (DMB)" एखन धरी पंजीकृत संगठन नहि अछि, नहिये संगठन के कोनो लीगल सेल वा कोर कमिटी अछि। तखन एहि तरहक वसूली कुन आधार पर ई सभ क' रहल छथि ? संगठन केर पंजीकरण आओर एहि तरहक वसूली पर कैको बेर कैको गोटा सवाल उठौलनि, जाहिके इस सभ नजरअंदाज केलनि। अपने सभके एक सुझाव देबा चाहब कि जाधरि संगठन केर पंजीकरण नहि होयत अछि फर्जी सदस्यता लेबै सँ बची। 

"दहेज मुक्त भारत (DMB)" अभियान निश्चित रूप सँ एक निक अभियान छल आओर एहि अभियान क' आगू बढ़ेबाक जरुरत छल, मुदा किछु गोटा ऐहिके कमेबाक जरिया बना लेना छथि जे बहुत दुखद अछि। किछु मास पहिने "दहेज मुक्त भारत (DMB)" द्वारा दरभंगा म' रथ यात्रा निकालल गेल छल, ओहियो म' संगठन के ऊपर धांधली केर आरोप लगाओल गेल छल।  ओनहियो मैथिल - मिथिला सँ सम्बंधित जतेक संगठन अछि सभ संगठन मैथिल समाज क' उल्लू बनेबा म' लागल अछि, चाहे जाहि विधि हुवे कमाई होबाक चाही। हमरा सभके एहि तरहक संगठन सँ सचेत रहबाक जरुरत अछि।

एहि बाबत हम "दहेज मुक्त भारत (DMB)" केर संस्थापक आनन्द झा आओर श्रवण झा सँ एहि मुद्दा पर गप केलहुँ। हुनका सभसँ पता चहल कि ओ सभ लीगल सेल बना संगठन केर पंजीकरण प्रक्रिया म' लागल छथि। आनन्द झा कहलनि कि ई अभियान निःस्वार्थ भाव सँ शुरू कायल गेल छल आओर आगूओ चलाओल जायत।

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