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मैथिली लप्रेक - १ ( चिट्ठी )

कि बात छैक मधु आय तुं बेसी फूलायल लागि रहल छैंऽ ? डॉली पूछैत छैक

मधु कनेक विंहुसैत बाजल आय हुनकर चिट्ठी  आयल छल !

कि लिखने छलखुन चिट्ठी मे जे तुं आय एतेक चहकैत छैंऽ गइऽ

मधु फूदकैत बाजल काल्हि ओ गाम अबैत छथिन - - - - -
आ मधु लागि गेल अपन श्रींगारक पाछु - - - - - - - -पिया हमर अउथिन गाम हे सोलह श्रींगार हम ( गुनगुनाइत)

मैथिली लप्रेक - २ ( स्नेहक संविधान )

~ हेल्लो
.           हँ श्वेता कि कहु - - -
~ आय 26 जनवरी छियैक !
~ हं से तऽ हमरो बूझल अछि , आ ओहि मे व्यस्तो छी !
~ व्यस्ते टा छी कि किछु मोनो अछी ?

~ कि कहु ने फरीछा कऽ कने एहि व्यस्तता मे हमरा किछु मोन नहि पड़ि रहल अछि

~ अजूके दिन अपन स्नेहक संविधानक पहिल अध्याय शूरु भेल छल - - - -

~ हं-हं आब आब सब किछु मोन पड़ि गेल 26 जनवरी 2007
धुनि लागल भोरे-भोर टिवरेवाल (स्कूल) दूनु गोटे चलि जाइत रहि एक दोसर कैं निहारैत' रेलबे पटरीक काते-कात

~ सब किछु आँखिक सोझे मे अछि

  मैथिली लप्रेक - ३ (  इजाजत )

~ श्वेता भगवान अहाँक रचना बड्ड निचैन सऽ केने हेताह
~ से कि यउ ? हमरा मे कोन एहन चिज देखना गेल अहाँक ?

~ अहाँक सर्वांग शरीरक रचना अतुल्य केलनि ब्रह्माजी
~ ( विंहुसैत ) धूर जॉउऽ अहुँऽ सतत् - - - - -हँसीए करैत रहै छी...

~ अहाँक कांतिमान मुखमंडल कल्पवृक्षक छाहड़ि हमरा दइत अछि ! कहिं इ रुप देखि स्वयं रति आ चाँदनी नहि लजा जाइथ !
~ अहुँ किछु कम नहि छी ! मुदा हे समय आब अपना सबकैंऽ एहि सऽ बेसी स्नेह करबाक इजाजत नहि दइत अछि !
माय आब सेहो हमरा ताकैत हेती !

~ मूदा एखने तऽ अहाँ आयल छलहु आ एखने - - - - - -
~ एक पहर बीति गेलय, श्रींगार रश मेऽ अहाँक समय केर ख्याल नहि रहल !

~ ओह समय कतेक जल्दी बीति जाइत छय ?
~ फेर काल्हि भेटब पढ़ि कऽ घूरैत काल !

~ बेस तऽ हम बाट ताकब - - - -


 मैथिली लप्रेक - ४ ( टिफीन )

~बस्ता पटकि छौंड़ा सीधे पड़ेलइ
~ पाछू सँऽ चूनियाँ टोकइत - हरउ हरउ बीच इस्कूल संऽ तूं कतय पराइत छहिऽ ?
~ चूप्पऽ - चूप्पऽऽऽऽ छौंड़ा मुह पर आंगुर रखैत बाजल

~ नहिं हम तऽ मास्टर साहेब कऽ कहबे करबई 
~ चूप्पऽ ने हल्ला कियाक करइत छंऽ एखने मास्टर सूनतइ तऽ छौंकियाऽ देत !

~ पहिले कह कतय जाईत छिहि तूंऽ ?
~ चूपऽ ने ---- तोंरहि लेल मोंछी तोड़य हेतु जाइत छियहुं ' आ तूहिंऽ हल्ला करैइत  छिहि 

~ साँच मऽ --- कहैत छैंऽ ? लेकिन से तूं हमरा पहिने कियाक नहिं कहलें ?
~ गइ्इ तोहर सप्पत सत्ते कहैत छियहु !

~ हे तखन जल्दी जोऽ आ टिफीन खतम होय संऽ पहिनहिं आवि जहिंए 
~ ठीक छय लेकिन तूंऽ ककरो कहबिंहि नहि ने गइ्इऽ ?

~ नहिं , अप्पन सप्पत हम ककरो नहि कहबैक ऽऽऽ
~ बेस तऽ हम हइया अबैत छी - - - - - - !


  मैथिली लप्रेक - ५ ( बहन्ना )

~ ह यऽई अहाँक नाम कि छी ? छौंड़ा पूछलकय !
~  मूदा ओ बिना एक्को मिसिया ध्यान देनहि अपन सहेली सब संगे हंसी ठीठौली करैत रहल !

~ पूणः ह यऽई अहिं कैंऽ पूछैत छी ?
~ एहि बेर ओ उनटि कैंऽ तकैइत बजलैक कि अहाँ हमरा किछु कहैत छी ? ( आरो छौंड़ी सब चूटकी लैइत तोरा नहि तऽ हमरा ! कहि उठि कऽ चलि जाइत छय )

~ हं अहिं कऽ
~ कि कहु 
~ (कने हरबराइत) नहिं हम कने अहाँक नाम बुझऽ चाहैत छी ?
~ हमर नाम अहाँ कियाक बुझऽ चाहैत छी ? से पहिने कहु ?

~ नहिं ओहिना पूछलहु अहाँ नहि कहब तऽ नहि कहु कोनो बात नय !
~ नहि किछु तय बात छैइक तैंय ने अहाँ हमर नाम पूछलहुं ?

~ नहि कोनो खास बात नय बस ओहिना . . . . . 
~ नहि यउ किछु खास बात छय तैंय ने एतेक छौंड़ी छलहि ओतय अहाँ ककरहु सऽ नहि पूछि हमरे सऽ पूछलहु !

~ हमरा मोनक अनुसार .... आब तऽ अहाँ सब गप बुझिये गेल हेबैक हम कियाक अहाँक नाम पूछलहु ? कि आबो बुझबा मे भाँगठे अछि ? जाँउ नहि बूझलिए तय एतेक गोटेक बीच मे हमर पूछनाय बेकार गेल !
~ हम तऽ सब बुझि गेलिए ! मुदा अहाँ एना किया हमर नाम पूछलहु ? ( घूमा फीरा कय ) फरिछा कऽ कहितहुं तऽ कि हम नहि बुझितियैक ?

~ से बात नहि छलैक अहाँक टोकबाक बहन्ना नहि भेटैत छल तैंऽ ......
~ बेस तऽ हमर नाम अऽऽऽऽऽनुऽऽऽऽऽऽऽराऽऽऽऽऽऽधाऽऽऽऽऽऽऽऽऽ............छऽऽऽऽऽइऽऽऽऽऽ कहि फूर्रऽऽऽऽ.........

❤ वी०सी०झा "बमबम"
.                                 कैथिनियाँ

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