डा.अब्दुल कलाम ओ इंसान छलाह जे देश के सपना देखेनाई सिखेला आ हुनक दस महत्वपूर्ण बात. - मिथिला दैनिक

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बुधवार, 27 जुलाई 2016

डा.अब्दुल कलाम ओ इंसान छलाह जे देश के सपना देखेनाई सिखेला आ हुनक दस महत्वपूर्ण बात.

दिल्ली 27 जुलाई:-भारत देशक पूर्ब राष्ट्रपति आ मिसाइल मेन के नाम सं मशहूर डा.एपीजे अब्दुल कलाम के हमरा सब के बिच स गेला आई एक साल भ गेल, एपीजे अब्दुल कलाम ओहि बैज्ञानिक में स एक छलाह जे भारत के परमाणु शक्ति सम्प्पन देश बनबै में अप्पन पूरा जीवन लगा देलैन्ह आ ओहि में सफल सेहो भेलाह, एपीजे अब्दुल कलाम के २७ जुलाई २०१५ में शिलॉन्ग आई आई ऍम में एक भाषण के दौरान निधन भ गेलैन्ह, एपीजे अब्दुल कलाम जीवन भैर युवा आ बच्चा के हौसला बढ़बैत रहैत छलाह हुनक दस कथन सं अहूँ सब जैन सकैत छी की देश के भविष्य के लेल ओ अपन जीवन केना कुर्बान केलैन्ह:-
१.सपना सच हुए ओहि लेल सपना देखनाइ जरुरी छै,सपना ओ नै जे राइत में सुतैत देखि सपना ओ हुए जे अहांके सुतय नै दिए.
२.कलाम हरदम युवा स कहैत छलाह की अलग तरीका स सोंचै के साहस केनाइ सेहो जरुरी छै,अबिष्कार के साहस करु,अज्ञात पथ पर चलै के कोशिश करु,असंभव के खोजै के प्रयाश करु आ समश्या के जीतू आ सफल बनु इ सब ओ महान गुन अइछ जाहि दिशा में सब काज करु.
३.कलाम देश में मौजूद भ्रष्टाचार के ल क सेहो चिंतित आ बेसी परेशान रहैत छलाह,अगर एक देश के भ्रष्टाचार स मुक्त हेबाक छै त हम इ महशुश करैत छी की हमरा समाज में एहेन तिन लोक छैथ जे इ क सकैत छैथ ओ छैथ पिता,माता आ गुरु.
४.बिद्यार्थी के प्रश्न जरूर पुछबाक चाही इ बिद्यार्थिक सर्वोत्तम गुण होइत छै.
५.महान सपना देखय बला के सपना श्रेष्ठ होइत छै.
६.आदमी के मुशकिल के सामना करनाय जरुरी छै कियेकि सफलता के लेल इ जरुरी छै सफलता तखने भेटतै जखन मुशकिल के सामना करब.
७.जखन हम बाधा के सामना करैत छी तखन हम पबैत छी की हमरा भीतर साहस आ लचीलापन मौजूद अइछ आ हम सब क सकैत छी जकर जानकारी हमरा खुद नै छल, आर इ तखने सामने आबैत छै जखन हम सफल नै भ क असफल हेबै लगैत छी,जरुरत छै की हम हरदम एही के तलाशी आ जीवन में सफल बनी.
८.कलाम कहैत छलखिन्ह चलु हम अप्पन आई कुर्बान करी जाहि स हम्मर बच्चा के भविष्य के बढियाँ कैल भेटै.
९.भगवान हुनके मदद करैत छथिन्ह जे बहुत मेहनत करैत छैथ,इ सिद्धांत स्पश्ट हेबाक चाही.
१०.हमरा कखनो हार नै मानै के चाही आ समश्या के अपना पर हावी नै हेबय देबाक चाही.

इहो बता दी जे डा.एपीजे अब्दुल कलाम अपन जीवनक आखरी शब्द सं जाइत जाइत एक निक नागरिक लेल सबाल सेहो छोड़ी गेलाह,सबाल इ की दुनिया के एही धरती पर केना जीबै लायक बनेल जे.