0
हमर बात कियो बुझलक कहाँ
हमर मोन कियो तकलक कहाँ
चमकि गेल छलै बिजुरी कतौ
हमर अन्हार कियो हरलक कहाँ
बात सुनल सभक नमहर सदति
हमर छोट कियो सुनलक कहाँ
राखि हाथ मे बम आ पिस्तौल
हमर नाच कियो नचलक कहाँ
ओम जपि हरक नाम सदिखन
हमर नाम कियो जपलक कहाँँ

मिथिला दैनिक क' समाचार ईमेल द्वारा प्राप्त करि :

Delivered by Mithila Dainik

मिथिला दैनिक (पहिने मैथिल आर मिथिला) टीमकेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, पाठक लोकनि एहि जालवृत्तकेँ मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय आ सर्वग्राह्य जालवृत्तक स्थान पर बैसेने अछि। अहाँ अपन सुझाव संगहि एहि जालवृत्त पर प्रकाशित करबाक लेल अपन रचना ई-पत्र द्वारा mithiladainik@gmail.com पर सेहो पठा सकैत छी।

 
#zbwid-2f8a1035