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प्रीतक रीत
बिसरल छी

हारि केखनो नै मानब
नोर केखनो नै गानब
हँसी मुदा बिला रहल
जीतक रीत
बिसरल छी

ठोरपर नोर एलै
दुआरिपर भोर एलै
मुदा साँझक बाट जोहैत
मीतक प्रीत
बिसरल छी

पाबनि सभटा बीतल अछि
समय आगिसँ भीजल अछि
जरैत जीव कहि रहल मुदा
गीतक रीत
बिसरल छी

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