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साहित्य अकादेमी बाल साहित्य पुरस्कार २०११ मैथिली लेल ले.क. मायानाथ झा केँ हुनकर लोककथा संग्रह "जकर नारी चतुर होइ" लेल देल गेल अछि। डॉ.भगवानजी चौधरी, प्रो. चन्द्रधर झा आ डॉ. इन्द्रकान्त झा जूरी रहथि, जूरीमे सं दू गोटे मैथिली साहित्य लेल अज्ञात नाम रहथि, से विवाद उठल जे जूरी लोकनि साहित्य अकादेमी मैथिली परामर्शदाता समितिक अध्यक्ष श्री विद्यानाथ झा "विदितक " रबर स्टाम्प रहथि । २०११ क विदेह साहित्य अकादेमी समानान्तर बाल साहित्य पुरस्कार सेहो ले.क. मायानाथ झाकेँ "जकर नारी चतुर होइ" लेल देल गेल छल।

ई घोषणा साहित्य अकादेमीक मैथिली विभाग लेल ओतेक असहज निर्णय नै छल। साहित्य अकादेमीक मैथिली विभागक ब्राह्मणवादी चेहराक असल परीक्षा हएत जखन ओकर मूल पुरस्कारक घोषणा हएत। २०११ क विदेह साहित्य अकादेमी समानान्तर मूल साहित्य पुरस्कार श्री जगदीश प्रसाद मण्डल जी केँ मैथिलीक आइ धरिक सर्वश्रेष्ठ कथा संग्रह “गामक जिनगी” लेल देल गेल छन्हि।


नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक सदस्यता (नेपाल देशक भाषा-साहित्य,  दर्शन, संस्कृति आ सामाजिक विज्ञानक क्षेत्रमे  सर्वोच्च सम्मान)

नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक सदस्यता
श्री राम भरोस कापड़ि 'भ्रमर' (2010)
श्री राम दयाल राकेश (1999)
श्री योगेन्द्र प्रसाद यादव (1994)

नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान मानद सदस्यता
स्व. सुन्दर झा शास्त्री

नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान आजीवन सदस्यता
श्री योगेन्द्र प्रसाद यादव

फूलकुमारी महतो मेमोरियल ट्रष्ट काठमाण्डू, नेपालक सम्मान
फूलकुमारी महतो मैथिली साधना सम्मान २०६७ - मिथिला नाट्यकला परिषदकेँ
फूलकुमारी महतो मैथिली प्रतिभा पुरस्कार २०६७ - सप्तरी राजविराजनिवासी श्रीमती मीना ठाकुरकेँ
फूलकुमारी महतो मैथिली प्रतिभा पुरस्कार २०६७ -बुधनगर मोरङनिवासी दयानन्द दिग्पाल यदुवंशीकेँ

साहित्य अकादेमी  फेलो- भारत देशक सर्वोच्च साहित्य सम्मान (मैथिली)


           १९९४-नागार्जुन (स्व. श्री वैद्यनाथ मिश्र “यात्री” १९११-१९९८ ) , हिन्दी आ मैथिली कवि।
            २०१०- चन्द्रनाथ मिश्र अमर (१९२५- ) - मैथिली साहित्य लेल।

साहित्य अकादेमी भाषा सम्मान ( क्लासिकल आ मध्यकालीन साहित्य आ गएर मान्यताप्राप्त भाषा लेल):-
           
           २०००- डॉ. जयकान्त मिश्र (क्लासिकल आ मध्यकालीन साहित्य लेल।)
           २००७- पं. डॉ. शशिनाथ झा (क्लासिकल आ मध्यकालीन साहित्य लेल।)
            पं. श्री उमारमण मिश्र

 साहित्य अकादेमी पुरस्कार- मैथिली


१९६६- यशोधर झा (मिथिला वैभव, दर्शन)
१९६८- यात्री (पत्रहीन नग्न गाछ, पद्य)
१९६९- उपेन्द्रनाथ झा “व्यास” (दू पत्र, उपन्यास)
१९७०- काशीकान्त मिश्र “मधुप” (राधा विरह, महाकाव्य)
१९७१- सुरेन्द्र झा “सुमन” (पयस्विनी, पद्य)
१९७३- ब्रजकिशोर वर्मा “मणिपद्म” (नैका बनिजारा, उपन्यास)
१९७५- गिरीन्द्र मोहन मिश्र (किछु देखल किछु सुनल, संस्मरण)
१९७६- वैद्यनाथ मल्लिक “विधु” (सीतायन, महाकाव्य)
१९७७- राजेश्वर झा (अवहट्ठ: उद्भव ओ विकास, समालोचना)
१९७८- उपेन्द्र ठाकुर “मोहन” (बाजि उठल मुरली, पद्य)
१९७९- तन्त्रनाथ झा (कृष्ण चरित, महाकाव्य)
१९८०- सुधांशु शेखर चौधरी (ई बतहा संसार, उपन्यास)
१९८१- मार्कण्डेय प्रवासी (अगस्त्यायिनी, महाकाव्य)
१९८२- लिली रे (मरीचिका, उपन्यास)
१९८३- चन्द्रनाथ मिश्र “अमर” (मैथिली पत्रकारिताक इतिहास)
१९८४- आरसी प्रसाद सिंह (सूर्यमुखी, पद्य)
१९८५- हरिमोहन झा (जीवन यात्रा, आत्मकथा)
१९८६- सुभद्र झा (नातिक पत्रक उत्तर, निबन्ध)
१९८७- उमानाथ झा (अतीत, कथा)
१९८८- मायानन्द मिश्र (मंत्रपुत्र, उपन्यास)
१९८९- काञ्चीनाथ झा “किरण” (पराशर, महाकाव्य)
१९९०- प्रभास कुमार चौधरी (प्रभासक कथा, कथा)
१९९१- रामदेव झा (पसिझैत पाथर, एकांकी)
१९९२- भीमनाथ झा (विविधा, निबन्ध)
१९९३- गोविन्द झा (सामाक पौती, कथा)
 १९९४- गंगेश गुंजन (उचितवक्ता, कथा)
 १९९५- जयमन्त मिश्र (कविता कुसुमांजलि, पद्य)
 १९९६- राजमोहन झा (आइ काल्हि परसू, कथा संग्रह)
 १९९७- कीर्ति नारायण मिश्र (ध्वस्त होइत शान्तिस्तूप, पद्य)
 १९९८- जीवकान्त (तकै अछि चिड़ै, पद्य)
 १९९९- साकेतानन्द (गणनायक, कथा)
 २०००- रमानन्द रेणु (कतेक रास बात, पद्य)
 २००१- बबुआजी झा “अज्ञात” (प्रतिज्ञा पाण्डव, महाकाव्य)
 २००२- सोमदेव (सहस्रमुखी चौक पर, पद्य)
 २००३- नीरजा रेणु (ऋतम्भरा, कथा)
 २००४- चन्द्रभानु सिंह (शकुन्तला, महाकाव्य)
 २००५- विवेकानन्द ठाकुर (चानन घन गछिया, पद्य)
 २००६- विभूति आनन्द (काठ, कथा)
 २००७- प्रदीप बिहारी (सरोकार, कथा)
 २००८- मत्रेश्वर झा (कतेक डारि पर, आत्मकथा)
 २००९- स्व.मनमोहन झा (गंगापुत्र, कथासंग्रह)
 २०१०-श्रीमति उषाकिरण खान (भामती, उपन्यास)
  
साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार
 १९९२- शैलेन्द्र मोहन झा (शरतचन्द्र व्यक्ति आ कलाकार-सुबोधचन्द्र सेन, अंग्रेजी)
 १९९३- गोविन्द झा (नेपाली साहित्यक इतिहास- कुमार प्रधान, अंग्रेजी)
 १९९४- रामदेव झा (सगाइ- राजिन्दर सिंह बेदी, उर्दू)
 १९९५- सुरेन्द्र झा “सुमन” (रवीन्द्र नाटकावली- रवीन्द्रनाथ टैगोर, बांग्ला)
 १९९६- फजलुर रहमान हासमी (अबुलकलाम आजाद- अब्दुलकवी देसनवी, उर्दू)
 १९९७- नवीन चौधरी (माटि मंगल- शिवराम कारंत, कन्नड़)
 १९९८- चन्द्रनाथ मिश्र “अमर” (परशुरामक बीछल बेरायल कथा- राजशेखर बसु, बांग्ला)
 १९९९- मुरारी मधुसूदन ठाकुर (आरोग्य निकेतन- ताराशंकर बंदोपाध्याय, बांग्ला)
 २०००- डॉ. अमरेश पाठक, (तमस- भीष्म साहनी, हिन्दी)
 २००१- सुरेश्वर झा (अन्तरिक्षमे विस्फोट- जयन्त विष्णु नार्लीकर, मराठी)
 २००२- डॉ. प्रबोध नारायण सिंह (पतझड़क स्वर- कुर्तुल ऐन हैदर, उर्दू)
 २००३- उपेन्द दोषी (कथा कहिनी- मनोज दास, उड़िया)
 २००४- डॉ. प्रफुल्ल कुमार सिंह “मौन” (प्रेमचन्द की कहानी-प्रेमचन्द, हिन्दी)
 २००५- डॉ. योगानन्द झा (बिहारक लोककथा- पी.सी.राय चौधरी, अंग्रेजी)
 २००६- राजनन्द झा (कालबेला- समरेश मजुमदार, बांग्ला)
 २००७- अनन्त बिहारी लाल दास “इन्दु” (युद्ध आ योद्धा-अगम सिंह गिरि, नेपाली)
 २००८- ताराकान्त झा (संरचनावाद उत्तर-संरचनावाद एवं प्राच्य काव्यशास्त्र-गोपीचन्द नारंग, उर्दू)
 २००९- भालचन्द्र झा (बीछल बेरायल मराठी एकाँकी-  सम्पादक सुधा जोशी आ रत्नाकर मतकरी, मराठी)
 २०१०- डॉ. नित्यानन्द लाल दास ( "इग्नाइटेड माइण्ड्स" - मैथिलीमे "प्रज्वलित प्रज्ञा"- डॉ.ए.पी.जे. कलाम, अंग्रेजी)

साहित्य अकादेमी मैथिली बाल साहित्य पुरस्कार
२०१०-तारानन्द वियोगीकेँ पोथी "ई भेटल तँ की भेटल"  लेल
२०११- ले.क. मायानाथ झा "जकर नारी चतुर होइ" लेल
प्रबोध सम्मान
 प्रबोध सम्मान 2004- श्रीमति लिली रे (1933- )
 प्रबोध सम्मान 2005- श्री महेन्द्र मलंगिया (1946- )
 प्रबोध सम्मान 2006- श्री गोविन्द झा (1923- )
 प्रबोध सम्मान 2007- श्री मायानन्द मिश्र (1934- )
 प्रबोध सम्मान 2008- श्री मोहन भारद्वाज (1943- )
 प्रबोध सम्मान 2009- श्री राजमोहन झा (1934- )
 प्रबोध सम्मान 2010- श्री जीवकान्त (1936- )
 प्रबोध सम्मान 2011- श्री सोमदेव (1934- )
  
यात्री-चेतना पुरस्कार

 २००० ई.- पं.सुरेन्द्र झा “सुमन”, दरभंगा;
 २००१ ई. - श्री सोमदेव, दरभंगा;
 २००२ ई.- श्री महेन्द्र मलंगिया, मलंगिया;
 २००३ ई.- श्री हंसराज, दरभंगा;
 २००४ ई.- डॉ. श्रीमती शेफालिका वर्मा, पटना;
 २००५ ई.-श्री उदय चन्द्र झा “विनोद”, रहिका, मधुबनी;
 २००६ ई.-श्री गोपालजी झा गोपेश, मेंहथ, मधुबनी;
 २००७ ई.-श्री आनन्द मोहन झा, भारद्वाज, नवानी, मधुबनी;
 २००८ ई.-श्री मंत्रेश्वर झा, लालगंज,मधुबनी
 २००९ ई.-श्री प्रेमशंकर सिंह, जोगियारा, दरभंगा
 २०१० ई.- डॉ. तारानन्द वियोगी, महिषी, सहरसा

कीर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान
 २००८ ई. - श्री हरेकृष्ण झा (कविता संग्रह “एना त नहि जे”)
 २००९ ई.-श्री उदय नारायण सिंह “नचिकेता” (नाटक नो एण्ट्री: मा प्रविश)
 २०१० ई.- श्री महाप्रकाश (कविता संग्रह “संग समय के”) 

भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता
युवा पुरस्कार (२००९-१०) गौरीनाथ (अनलकांत) केँ मैथिली लेल।

भारतीय भाषा संस्थान (सी.आइ.आइ.एल.) , मैसूर रामलोचन ठाकुर:- अनुवाद लेल भाषा-भारती सम्मान २००३-०४ (सी.आइ.आइ.एल., मैसूर) जा सकै छी, किन्तु किए जाउ- शक्ति चट्टोपाध्यायक बांग्ला कविता-संग्रहक मैथिली अनुवाद लेल प्राप्त।  रमानन्द झा 'रमण':- अनुवाद लेल भाषा-भारती सम्मान २००४-०५ (सी.आइ.आइ.एल., मैसूर) छओ बिगहा आठ कट्ठा- फकीर मोहन सेनापतिक ओड़िया उपन्यासक मैथिली अनुवाद लेल प्राप्त।

विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार

१.विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार २०१०-११ 
२०१० श्री गोविन्द झा (समग्र योगदान लेल)
२०११ श्री रमानन्द रेणु (समग्र योगदान लेल)

२.विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार २०११-१२ 
२०११ मूल पुरस्कार- श्री जगदीश प्रसाद मण्डल (गामक जिनगी, कथा संग्रह)
२०११ बाल साहित्य पुरस्कार- ले.क. मायानाथ झा (जकर नारी चतुर होइ, कथा संग्रह)
२०११ युवा पुरस्कार- आनन्द कुमार झा (कलह, नाटक)
२०१२ अनुवाद पुरस्कार- श्री रामलोचन ठाकुर- (पद्मा नदीक माझी, बांग्ला- माणिक वन्दोपाध्याय, उपन्यास बांग्लासँ मैथिली अनुवाद)

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  1. "ई घोषणा साहित्य अकादेमीक मैथिली विभाग लेल ओतेक असहज निर्णय नै छल। साहित्य अकादेमीक मैथिली विभागक ब्राह्मणवादी चेहराक असल परीक्षा हएत जखन ओकर मूल पुरस्कारक घोषणा हएत। २०११ क विदेह साहित्य अकादेमी समानान्तर मूल साहित्य पुरस्कार श्री जगदीश प्रसाद मण्डल जी केँ मैथिलीक आइ धरिक सर्वश्रेष्ठ कथा संग्रह “गामक जिनगी” लेल देल गेल छन्हि।"
    sundar vivechan

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  2. धन्यवाद जूरीक प्रत्येक सदस्यकेँ, जे निरपेक्ष भए पुरस्कारक लेल निर्णय करबाक परिपाटीमे अपन विश्वास जनाओल अछि। ई मैथिली भाषाक लेल निश्चये शुभ-संकेत थिक।
    कोटिश: धन्यवाद आदरणीय मायानाथ बाबूकेँ, जे भरि जन्म देशक सुरक्षाक हेतु सोचैत माँ मैथिलीक शरण धएल। हर्षक सङ्ग आदर्श चरित्रक गप्प ई जे ओ मात्र मैथिलीक शरण धरबे नहि कएलनि, अपितु मैथिली साहित्यकेँ गहल सेहो आ तकरहि परिणाम थिक ई शुभ संवाद। आशा नहि पूर्ण विश्वास जे ओ अपन एहि एकान्त सेवाक क्रममे माँ मैथिलीकेँ पुष्ट करबामे अपन तन-मन-धन लगौताह।
    अन्तमे एकबेर फेर साहित्य अकादमीक सब सदस्यक सङ्ग जूरीकेँ एहन निर्णयक हेतु धन्यवाद दैत मायानाथ बाबूक दीर्घ ओ स्वस्थ जीवनक कामना करैत माँ मैथिली प्रति नतमस्तक होइत छी।
    अजीत-मैसूर।

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