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जगमें अनमोल अछि भाई बोहिनक प्यार
रक्षाबंधन अछि भाई बोहिनक बड़का त्यौहार
जुग जुग जीवु रन बन सं जीतक आबू
सुख समृधि शांति भैया अबिरल अहां पाबू

जगमें अनमोल अछि भाई बोहिनक प्यार
लौनेछी बोहिन अहांलेल रक्षाबंधनक उपहार  
भेटत कतय बोहिन सन निश्च्छल स्नेहक अनुराग
बिचरण करय जगमें बोहिनक निस्वार्थ प्रेमक प्राग

जगमें अनमोल अछि भाई बोहिनक प्यार भैया
सैद्खन पावि हम अहींक प्रगाढ़ प्रेमक दुलार भैया
मुह मिठाई  माथ फाग सोभैय ललाट पैर चन्दन 
बिसरब  नै बोहिन  केर भैया बन्हैछी रक्षाबंधन 


रचनाकार:-प्रभात राय भट्ट

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