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एहि में दू मत नहि जे फेशबुक सऽ आन्दोलन के पूर्ण परिचालन भऽ सकैछ, लेकिन आधार-स्तम्भके निर्माण, कार्यक्रम योजना, कार्यकर्ताके खोज - इ सभ कार्य समाजिक संजालरूपी फेशबुक पेज सऽ सेहो संभव छैक।


आब जेना दहेज मुक्त मिथिलाके उदाहरण लेल जाय - भेलै कि जे किछु मित्र सभ आपसमें गप करैत समय मिथिला ऊपर दहेज के बढावा वा पोषण करैक आरोप लगाबैछ - आरोप कि - जे वास्तविकता अछि से बात करैछ आ ताहि अनुरूप दोसर मित्र ओहि विन्दुपर किछु करबाक लेल बात करैछ... एवम्‌ प्रकारेन बहुत मित्र-बंधु-बहिन लोकनि जुटैत छथि आ फेशबुक पर दहेज के धज्जी उड़ैछ। प्रश्न उठैछ - कि वास्तवमें युवा के हृदयमें परिवर्तन आबि रहल छैक? कि जेना इ थोड़ेक युवा उत्साहित छथि दहेजके दानवके भगाबय लेल, तहिना हर गाम आ घर-शहर-नगरमें युवा सब आतुर छथि अपन समाजके एहि दानव सऽ छुटकारा दियाबैक लेल? सुन्दर विन्दु अछि इ दहेज एवं एकर समर्थन कोन रूपें हेवाक चाही, कोन प्रकार के विरोध होयबाक चाही आ युवा लोकनिक इच्छाके सार्थकता दैक लेल किछु कार्य सेहो हेबाक चाही। बस निर्णय होइछ जे किऐक नहि धरातलपर एहि मूहिम के उतारल जाय। आ तदनुसार क्रमबद्ध रूपमें एहि मूहिम के निरंतरता वैह फेशबुक परका मित्र-बंधु-बहिन सभ देवय लगलथि। एक मोर्चा के निर्माण भऽ गेल। किछु प्रतिबद्ध सदस्य सेहो बनि गेला।


आ, चूँकि बाहुल्य सदस्य सभ दहेज विरोध के सुन्दर स्वरूप सौराठके सभागाछीवाला परिकल्पनाके पुनरुत्थान एवं पुनर्जीवित करैत होयबाक चाही - अतः वर्तमान मूहिम जे अछि से सौराठके पुनरुत्थान हेतु सेहो सक्रिय होयत, प्रथमतः एहि परंपराके लेल लड़त आ ताहि संग-संग जे केओ बिना दहेज लेन-देन आदर्श विवाह करैत छथि, हुनका लोकनिक यशगान करनै एहि बेरके योजनामें शामिल भेल। संगहि दहेज मुक्त मिथिलाके अपन एक पोर्टल निर्माण कैल जायत जाहि ऊपर दहेज मुक्त विवाह केनिहार के ऊपर विभिन्न रिपोर्ट आ आगू इच्छूक व्यक्ति सभ जे दहेज मुक्त विवाह करता तिनक पूर्ण परिचय सेहो उपलब्ध कराओल जायत। संगहि मासिक वा अर्धमासिक बूलेटिन जे दहेज मुक्त मिथिला के कोन काज पृथ्वीपर भऽ रहल छैक तेकर जानकारी उपलब्ध कराओल जायत। अन्य कार्यमें दहेज मुक्त मिथिलाके तरफ सऽ गाम-गाम आ शहर-शहर एहेन कैम्पेनिंग होयत जाहिमें दहेज मुक्त विवाह केनिहार के यशगान एवं आम जनमानसके जागृति हेतु विभिन्न कार्यक्रम आदि समाहित होयत। सदस्यता अभियान लेल सेहो प्रत्येक गाम आ शहरमें एक प्रमुख के चुनाव आ तदनुसार एक स्थानीय कमिटीके गठन करैत शाखा विस्तार कयल जायत। पुनः दहेज मुक्त मिथिला के तरफ सऽ सामूहिक विवाह, सौराठके तर्जपर सभागाछी विभिन्न जगह पर लगौनै, जागृतिमूलक सांस्कृतिक कार्यक्रम, सभा आयोजन, अन्य सम्बोधन आदि कैल जायत। एहि संस्थाके राजनीति सऽ कुनु लेना देना नहि रहत मुदा कानून विरुद्ध कतहु किनको ऊपर अत्याचार भेलापर सामाजिक नियमके अनुरूप ओहि प्रकार के अत्याचार विरुद्ध लड़ाई सेहो लड़त। दहेज मुक्त विवाह केनिहार लोक सभके यशगान-सम्मान आदि करैत अन्य व्यक्तिमें सेहो एहि प्रकारके वातावरणके सृजना कैल जाय से मुख्य लक्ष्य रहत।


वर्तमान में इ संस्था पंजीकरण प्रक्रियामें अछि - एकर सदस्यता हेतु एखन स्थानीय कर्मठ कार्यकर्ता श्री प्रकाश चन्द्र चौधरी के व्यक्तिगत खाताके प्रयोग कैल जा रहल छैक, जेकर विवरण दहेज मुक्त मिथिला नामके ग्रुपपर उपलब्ध अछि। सदस्यताके चारि प्रकार राखल गेल छैक - संरक्षक सदस्य (५१०१/-), संस्थापक सदस्य (२१०१/-), आजीवन सदस्य (५०१/-) आ साधारण सदस्य (१५१/-) - सदस्य के जिम्मेवारी, अधिकार आदिके नियमन्‌ होयबाक बाकी छैक, जे क्रमशः कानून-विधान अनुरूप हेतैक। कार्यकारिणीके गठन सेहो पूर्ण प्रजातान्त्रिक मूल्य के अनुरूप हेतैक। पदके लोभ एहेन होइत छैक जे संस्थाके जन्म सऽ पहिने एकरा मारयके फेर में पड़ैत देखल गेलैक अछि। ताहि हेतु एहि बेर जेना-तेना सौराठ सभाके आयोजन तक एक एडहॅक कमिटी बनाके कार्य सम्पादित कैल जाय, आ तेकर बाद एक आमसभाके आयोजन करैत ओहिठाम विधान अनुरूप निर्वाचन प्रणाली द्वारा कार्यकारिणीके गठन होयत से विचार अछि।



एतेक कार्य मुख्यतः फेशबुक सऽ सम्पादित भेल - आब धरातल पर कि-कि होइछ इ देखबाक अछि।



हरिः हरः!!

प्रवीन   नारायण   चौधरी  

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  1. नमस्कार मिथिला के बसी के रमा कान्त झा के तरफ स मिथिला के गोरब आनेक बिधुआन के जन्म दाता माँ मैथिलि आही जानकी सोयाबर आस्थान सौराठ सभा गाछी दहेज के कारण आब धनुस रूपी दहेज़ के तोरी बासते कीऊ राम नही भेल्हा ,जे इ बाबा सोभ्नाथ जतेह सोरास्ट स चली कय सूरत के आप्न्त कय मिथिला के भूमि सौराठ के बिच गाम में आकुरित भेलाह ओर सोभाग मिथिला के जे महादेब आय इ भूमि पर सबके रक्छा बासते ,आहक सब के पबित कारण पथर रूप धारण केने छथि , जगु मैथिल जगु ओर मिथिला ओर आपन निसटअ के बचो सौराठ त मद्धम आछी सभा जे एक दोसरक संबाद ओर कुदुम ओर वर्ग सा कुछ दो पल समाय देतिवाक ओर एक दोसरक के दुःख दर्द समझ के बिस्तृत जानकारी के मद्धम आछी , दूर संचार के माध्यम के आपने सब पुनह बिचार करू ओर एक घंटा के बासते ओर पिकनिक नानेबक बाहन सा सौराठ सभा आबक निवेदन आछी ,पुर्बज के लाज बचो आहा भेइया ओर काका , कोटक बओआ के संग आहा सब जरुर आबी ओर मिथिला के लाज राखी ओर जे रितिरेबाज आछी मिथिला के सब निभेवाक संकल्प करी ,
    दोती कुरता ओरिही दुपट , सरपर छाता तेंके ,
    पान सुपारी मुह में दबने ,कमर में गमछा बनिहिके ,
    सौराठ सभा में जक बैसथ ,घटकीती के माहिर छथि ओ ,
    जेना दही चुरा के सानीके ,तय केरे के कनियागत के ,
    देत लडू ओर रस्गुला आगपोछअ में बंदिके ,
    चालू आब सिधिय्नत लिखाय्ब ,
    दोती कुरता ओरिही दुपट , सरपर छाता तेंके ,
    रमा कान्त झा सौराठ मधुबनी बिहार

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  2. Prastabak sang kavita tarksangat nahi achhi...Dhanyabad

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