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तेजगर छी से छद्म ज्ञान छल
खिखिर कटाबै भौकी प्रतिपल

हिल्कोरक संग जाइत बहैत
संग हमर जे घास-फूस छल

अकलबेर मे बिसरि गेल जे
गिरिमाल लेने ठाढ़ ओतै छल


सूर्य-किरिण से मद्धिम-मद्धिम
सेहो गर्दासँ झँपा रहल छल

नटुआ बिपटा बनि हँसै अछि
तोहूँ हमरे सन अछि देखल

जागि अन्हरिया केलहुँ काज जे
सेहो मस्त ओंघाएल सन छल

आन्ही संग झमटगर अछार
बान्ह एखनो अछि सुखा रहल

शान्त भंगिमासँ काज करै जाउ
निराउ वर्षा अछि देखा रहल

मानरि-अबाज रहि कऽ अबैछ
झाँपि बोल ई सुना रहल छल

गप बिच्च ठकुरा दैत रहै छी
काज करू धए कए करिनाल

ताहि मनुख-गाछी भुताहि बिच
ओ मनुक्खगन्ध सूंघि सहै छल

बानर पट लैले अछि तैयार
बिरनल सभ करू ने उद्धार

गाएक अर्र-बों सुनि अनठेने
दुहै समऐँ जनताक कपार

पुल बनेबाक समचा छैक नै
अर्थशास्त्र-पोथीक छलै भण्डार

कोरो बाती उबही देबाक लेल
आउ बजाउ बुढ़ानुस - भजार

डरक घाट नहाएल छी हम
से सहब दहोदिश अत्याचार

ऐरावत अछि देखा - देखा कए
सभटा देखैत अछि ओ व्यापार



कानैत दुनू बच्चाकेँ देखलहुँ बिछुड़ैत काल
सम्वेदना छै बाँचल जकर चहुँदिस अकाल

बिसरी हँसैत खिलखिलाइ अनमुनाह सन
अछि बुरबक बताह मथसुन्न अछि ई काल

गम्भीर बात विचारेँ ओढ़ल देखल कलुषता
काल सन चंठ अछि सम्वेत ई सुन्ने देखाएल

लाल सूर्यकेँ पीअर कपीश होइतहिँ ओकर
पाँजड़ दबल मनुषता ई-ओ-हे जाइत काल

सुन्न-मसान बोनक मचानपर बैसल छी की
भगजोगनीक बाड़ल भकराड़ ई राति भेल  

ऐरावत देखैत इजोतक बिर्रो- बाढ़ि- दुर्भिक्ष
ग्रहणक ई सूर्य थाकल देखै छी चोन्हराएल

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