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गर्भावस्था स्त्री जीवनक संगहि होमय वाला संतानक भावी जीवनक लेल महत्वपूर्ण आ संवेदनशील कालखंड होइत अछि । एहि क्रम मे स्त्रीक स्वस्थ आ सजग रहब बहुत ज़रूरी होइछ । एहि अवस्थाक विभिन्न लक्षण, परेशानी सँ बचाव, सहज ढंगे जच्चगी आ स्वस्थ सुन्दर शिशुक जन्म लेल ध्यान राखबा योग्य बिन्दु पर चर्चा क’ रहल छथि बिहारक प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ- डा. मंजू गीता मिश्रा । आशा अछि ई आलेख पाठकक लेल लाभप्रद शिद्ध होयत । आलेख भारती मंडन (अंक-12, नवम्बर 2006) सँ सभार लेल गेल अछि ।




मातृत्व

नारी जीवनक सबसँ गौरवशाली एवं सुखद अनुभव थिक मातृत्व ।ई नारी जीवनक परिपूर्णताक प्रतीक अछि । पूरा नौ मास अपन गर्भमे फलैत-फूलैत एक शिशुक अपन जान सँ बेसी देखभाल करैत छथि । तत्पश्चात एक फूल सन सुन्दर सुकोमल शिशु जन्म लैत अछि, यैह स्त्रीक सबसँ अनमोल उपहार एवं आनन्ददायक क्षण थिक । एहि नौ मासक दौरान गर्भवतीक भोजन एवं वातावरण पर निर्भर करैत अछि गर्भ मे पलैत शिशुक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ।भरपूर पौष्टिक भोजन, पर्याप्त आराम एवं आवश्यक व्यायामक संग-संग सम्पूर्ण निरोग शरीर गर्भस्थ शिशुकेँ पूर्णतया स्वस्थ राखिसकैत अछि । गर्भावस्थाक पहिल तीन मासक समय कष्टमय होइत अछि । उल्टी, अरूचि, सहज लक्षण होइत अछि । एकरादूर करबाक लेल कम –कम मात्रा मे पांच-छओ बेर हल्लुक भोजन करबाक चाही । मौसमी फल, हरियर तरकारी आ दूध दही केर भरपूर सेवन करबाक चाही । वसायुक्त भोजन सँ बचबाक चाही । गर्भावस्थाक दौरान गर्भवतीक भूख तेज होइत अछि, एहि समयमे कम-कम मात्रा मे पौष्टिक लैत रहबाक चाही । अन्तिम तीन मे शिशु पेट मे बेसी हलचल कर’ लगैत छैक । हल्लुक भोजन कयला सँ शिशुक हलचल मे कोनो रूकाबट नहि होइत छैक (ई बच्चाक पूर्ण बिकासक लेल ज़रूरी होइछ ।), गर्भवती हल्कापन महसूस करैत छथि आ एहि तरहेँ शिशुक स्वास्थ्य आ पुष्टता सुनिश्चित होइत अछि । डाक्टरक परामर्शक अनुसार गर्भवतीकेँ कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन सी, लौह तत्व(आइरन), विटामिन-बी काम्पलैक्सक सेवन करबाक चाही । गर्भवती स्त्रीकेँ डाँड़ आपीठ दर्दक शिकायत रहैत छनि जे कैल्शियम केर सेवन सँ ठीक भ जाइत छैक ।

किछु सुझाव-
1. गर्भवती स्त्रीकेँ तनाव रहित रहबाक चाही ।
2. मसालेदार एवं तैलीय भोजन नहि करबाक चाही ।
3. भारी वजन नहि उठैबाक चाही ।
4. धुम्रपान, मद्यपान, खैनी-तम्बाकूक सेवन नहि करबाक चाही ।
5. भीड़-भाड़युक्त जगह पर जायबा सँ बचबाक चाही ।
6. संक्रमणक स्थिति नहि होमय देबाक चाही ।
7. डायटिंग नहि करबाक चाही ।
8. समय-समय पर डाक्टरी जाँच करैबाक चाही ।
9. प्रसव कोनो कुशल डाक्टरक निरीक्षणमे करेबाक चाही ।
10. उचित व्यायाम करबाक चाही ।
11. टेटनसक दू टा सूई लेबाक चाही ।
12. गर्भवतीकेँ दिन मे दू घंटा आ राति में आठ घंटा नियम
सँ सुतबाक चाही ।
13.पहिल तीन मास एवं अन्तिम डेढ़ मास यात्रा नहि करबाक
चाही ।
14. कब्ज नहि हेबाक चाही ।
15. गर्भवती स्त्रीकेँ ढ़ील-ढ़ाल वस्त्र पहिरबाक चाही ।
16. दाँतक साफ-सफाई आ स्वस्थ मसुहरि लेल सजग रहबाक
चाही ।

एहि तरहेँ स्वास्थ्य आ आदतिक प्रति सजग रहला सँ नौ मास पूरा
भेलाक बाद एक स्वस्थ शिशुक जन्म होइत अछि, जकर किलकारी
सँ घर आँगन गूँजि उठैत अछि ।

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  1. धन्यवाद, एहि लेखक प्रस्तुतिक लेल। मैथिलीक विकासक लेल कथा-कवितासँ बेसी श्रेय एहि रचना सभकेँ जाएत से हमर अटल विश्वास रहल अछि।

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  2. फीचर-लेखन जगत कें समृद्ध बनएबा में निरन्तर प्रयासरत रहल जाए,से आग्रह।

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  3. Dr geeta

    apnek opening lines were so touching, yes indeed giving birth to a phool sun baccha is teh greatest miracle on earth.

    saprem

    aditya

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