1
सुन्दर नशिमा चैल रहल अछि
जकर स्पर्श सं मोन झूम उठैय
न स नशा जाहीम
अहांक कोमल बदनक याद आवी रहल अछि
शि स शितलता
अहांक कजरैल आखिं जाहीम शांति और सनेह अछि
सावनक इ बदरी म दूर रहैत की वर्णन करू
आवै जखन साथ लक बारिश
ओई समयक की वर्णन करू
दफ्तर म बैसल गिन रहल छि रुपैया चारिआना
अनुभव होइत अछि यैह छि अहाँ मोतीक दाना
खन - खन बाजैत आवाज सुनलौ
अनुभव भेल बाज़ी रहल अछि अहाँक कंगना
यई रानी लिखू चिट्ठी
सावनक संग कहिया बजा रहल छि अपना अंगना !!

मिथिला दैनिक क' समाचार ईमेल द्वारा प्राप्त करि :

Delivered by Mithila Dainik

मिथिला दैनिक (पहिने मैथिल आर मिथिला) टीमकेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, पाठक लोकनि एहि जालवृत्तकेँ मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय आ सर्वग्राह्य जालवृत्तक स्थान पर बैसेने अछि। अहाँ अपन सुझाव संगहि एहि जालवृत्त पर प्रकाशित करबाक लेल अपन रचना ई-पत्र द्वारा mithiladainik@gmail.com पर सेहो पठा सकैत छी।

 
#zbwid-2f8a1035