1
हमरा दवाइ नहि जहर चाही
हमरा लक्ष्य नहि बाट चाही
हम छी सदिखन अगिमुत्ता
हमरा शांति नहि क्रान्ति चाही


हमरा सितार नहि हथिआर चाही आगि लगेएबाक जोगाड़ चाही जे दै काटि मैथिली शत्रु के ओहन तेज प्रहार चाही

नहि हिन्दी हमरा मैथिली चाही
नहि बिहार हमरा मिथिला राज चाही
नहि हमरा अभिलाषा शांति-प्रेमीक
हमरा उष्ण शोणित गर्म मिजाज चाही

मिथिला दैनिक क' समाचार ईमेल द्वारा प्राप्त करि :

Delivered by Mithila Dainik

  1. नहि हिन्दी हमरा मैथिली चाही
    नहि बिहार हमरा मिथिला राज चाही
    नहि हमरा अभिलाषा शांति-प्रेमीक
    हमरा उष्ण शोणित गर्म मिजाज चाही
    hamro chahi bhai

    उत्तर देंहटाएं

मिथिला दैनिक (पहिने मैथिल आर मिथिला) टीमकेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, पाठक लोकनि एहि जालवृत्तकेँ मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय आ सर्वग्राह्य जालवृत्तक स्थान पर बैसेने अछि। अहाँ अपन सुझाव संगहि एहि जालवृत्त पर प्रकाशित करबाक लेल अपन रचना ई-पत्र द्वारा mithiladainik@gmail.com पर सेहो पठा सकैत छी।

 
#zbwid-2f8a1035