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सौंसे इलाका गनगना गेल
गिद्ध बैसल मन्दिर छुआ गेल
कोनो पुरखाक बनबाओल मन्दिर
बड्ड पुरान/ने छोट/ने पैघ/घुटमुटार

लखुरिया पजेबाक चारू देबाल
जाहि पर औन्हल गोल गुम्बर
बीच मे गाड़ल बीझ लागल त्रिशूल

शीत-ताप पानि पाथर
झक्कड़-धक्कड़ सहैत-सहैत/कारी सिआह भेल
जेना अगबे छाउरसँ/हो ढौरल

मन्दिर बनल रहल ओंगठन-छाहरि
अनेक लोक लेल अनेक बर्ख धरि
एक्केटा शहसँ मुदा, सभ भ’ गेल मात
मन्दिर पर भ’ गेल पैघ वज्रपात

पपिआहाक बात सभ पतिया गेल
गिद्ध बैसल मन्दिर छुआ गेल
सौंसे इलाका गनगना गेल
गिद्ध बैसल मन्दिर छुआ गेल
मन्दिर छुआ गेल ओंगठन छुआ गेल
छाहरि छुआ गेल

देवता जे छलाह जागन्त
आब भ’ गेलाह आदंक
लोक सभ डेरा गेल पुजेगरी पड़ा गेल
चोरबा सभ कें फबलइ राता-राती
लोहक सिक्कड़ काटि चोरा लेलक
बड़का पितरिया घण्टा, दीप, घण्टी, घड़ी-घण्टा
सभकें बेच आएल ओजनसँ ठठेरी बजारमे
ने बेचनिहारके कोनो ग्लानि
ने किननिहारकें कोनो दुविधा

इलाका भरिक श्रद्धा आ विश्वास
ओजनसँ बिका गेल ठठेरी बजारमे
रहि गेला पाथरक देवता
हुनका नहि पुछलक चोरबा

अन्हार घुप्प मन्दिरमे आब भम पड़इए
केओ ओम्हर कखनो घूरि नहि तकइए
एकटा प्रश्नक मुदा, नहि भेटइए उत्तर
पाथरक देवता फेर भ’ गेला पाथर?
सत्ते भ’ गेला पाथर, सत्ते भ’ गेला पाथर


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  1. bad nik prastuti

    विवेकानन्द ठाकुर-गिद्ध बैसल मन्दिर



    सौंसे इलाका गनगना गेल
    गिद्ध बैसल मन्दिर छुआ गेल
    कोनो पुरखाक बनबाओल मन्दिर
    बड्ड पुरान/ने छोट/ने पैघ/घुटमुटार

    लखुरिया पजेबाक चारू देबाल
    जाहि पर औन्हल गोल गुम्बर
    बीच मे गाड़ल बीझ लागल त्रिशूल

    शीत-ताप पानि पाथर
    झक्कड़-धक्कड़ सहैत-सहैत/कारी सिआह भेल
    जेना अगबे छाउरसँ/हो ढौरल

    मन्दिर बनल रहल ओंगठन-छाहरि
    अनेक लोक लेल अनेक बर्ख धरि
    एक्केटा शहसँ मुदा, सभ भ’ गेल मात
    मन्दिर पर भ’ गेल पैघ वज्रपात

    पपिआहाक बात सभ पतिया गेल
    गिद्ध बैसल मन्दिर छुआ गेल
    सौंसे इलाका गनगना गेल
    गिद्ध बैसल मन्दिर छुआ गेल
    मन्दिर छुआ गेल ओंगठन छुआ गेल
    छाहरि छुआ गेल

    देवता जे छलाह जागन्त
    आब भ’ गेलाह आदंक
    लोक सभ डेरा गेल पुजेगरी पड़ा गेल
    चोरबा सभ कें फबलइ राता-राती
    लोहक सिक्कड़ काटि चोरा लेलक
    बड़का पितरिया घण्टा, दीप, घण्टी, घड़ी-घण्टा
    सभकें बेच आएल ओजनसँ ठठेरी बजारमे
    ने बेचनिहारके कोनो ग्लानि
    ने किननिहारकें कोनो दुविधा

    इलाका भरिक श्रद्धा आ विश्वास
    ओजनसँ बिका गेल ठठेरी बजारमे
    रहि गेला पाथरक देवता
    हुनका नहि पुछलक चोरबा

    अन्हार घुप्प मन्दिरमे आब भम पड़इए
    केओ ओम्हर कखनो घूरि नहि तकइए
    एकटा प्रश्नक मुदा, नहि भेटइए उत्तर
    पाथरक देवता फेर भ’ गेला पाथर?
    सत्ते भ’ गेला पाथर, सत्ते भ’ गेला पाथर

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