4
पहिने हमर नाम पूछल गेल
ओ नहि पतियाएल

फेर ओकर नजरि
हमर गरदनि दिस गेलै
ओ नहि परखि सकल जे ओतए
बद्धी छै कि ताबीज

तखन ओ हमरा नाँगट क’ देलक सरेआम
ओकरा तैयो विश्वास नहि भेलै

अन्ततः ओ हमरा मारि देलक
मुदा आश्चर्य
एकर बादो ओ निश्चिन्त कहाँ अछि?

मिथिला दैनिक क' समाचार ईमेल द्वारा प्राप्त करि :

Delivered by Mithila Dainik

  1. ओ नहि परखि सकल जे ओतए
    बद्धी छै कि ताबीज

    bah bhai ajit azad

    उत्तर देंहटाएं
  2. पहिने हमर नाम पूछल गेल
    ओ नहि पतियाएल

    फेर ओकर नजरि
    हमर गरदनि दिस गेलै
    ओ नहि परखि सकल जे ओतए
    बद्धी छै कि ताबीज

    तखन ओ हमरा नाँगट क’ देलक सरेआम
    ओकरा तैयो विश्वास नहि भेलै

    अन्ततः ओ हमरा मारि देलक
    मुदा आश्चर्य
    एकर बादो ओ निश्चिन्त कहाँ अछि?

    bah

    उत्तर देंहटाएं

मिथिला दैनिक (पहिने मैथिल आर मिथिला) टीमकेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, पाठक लोकनि एहि जालवृत्तकेँ मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय आ सर्वग्राह्य जालवृत्तक स्थान पर बैसेने अछि। अहाँ अपन सुझाव संगहि एहि जालवृत्त पर प्रकाशित करबाक लेल अपन रचना ई-पत्र द्वारा mithiladainik@gmail.com पर सेहो पठा सकैत छी।

 
#zbwid-2f8a1035