कविता- हुनका लेल- आशीष अनचिन्हार - मिथिला दैनिक

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रविवार, 5 अप्रैल 2009

कविता- हुनका लेल- आशीष अनचिन्हार

कविता
हुनका लेल
कविता हुनका लेल छन्हि
जे
अपना के किछु ने बुझैत छथिन्ह



कविता हुनका लेल छन्हि
जे
अपना के सभ किछु बुझैत छथिन्ह



कविता हुनका लेल छन्हि
जे
किछु ने बुझैत छथिन्ह