महाशिवरात्रि पर कुशेश्वर नाथ मंदिरक प्रांगण मे भव्य कलश शोभायात्रा आओर श्रीमद् भागवत कथा केर आयोजन - मिथिला दैनिक

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सोमवार, 12 फ़रवरी 2018

महाशिवरात्रि पर कुशेश्वर नाथ मंदिरक प्रांगण मे भव्य कलश शोभायात्रा आओर श्रीमद् भागवत कथा केर आयोजन

दरभंगा। 12 फरवरी। [संजीव कुमार झा] मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय सँ दक्षिण करीब 3 किलोमीटर पर अवस्थित मकरंदा गाम स्थित बाबा कुशेश्वर नाथ महादेव मंदिर प्रांगण मे 13 फरवरी सँ 19 फरवरी धरी हर बरखक  भांति अहियो बरख महाशिवरात्रि महोत्सव खूब धूमधाम सँ मनाओल जायत। एहि अवसर पर पर वृंदावन केँ 14 वर्षीय लाडली देवी देवकी जी द्वारा संगीत मे श्रीमद् भागवत कथा केँ अमृत वर्षा होयत संगहि भव्य कलश शोभायात्रा आओर शिव विवाह केँ मनोरम झांकी सेहो निकालल जायत। 13 फरवरी केँ श्रीमद् भागवत कथा केर शुभारंभ श्री श्री 108 राम उदित दास उर्फ मोनी बाबा करता संगहि एहि अवसर पर मनीगाछी प्रखंडक कैको गणमान्य लोग उपस्थित रहता ऐहिक जानकारी कार्यक्रमक संयोजक डॉ. राम मोहन झा व संजीव कुमार झा देना छथि। 

इतिहास :- दरभंगा जिलाक मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय सँ दक्षिण करीब 3 किलोमीटर पर अवस्थित बाबा कुशेश्वर नाथ महादेव स्थान अछि, जाहिक स्थापना 1901 मे कायल गेल छल। लोग सभक मानब अछि कि बाबा कुशेश्वर नाथ महादेव केँ दर्शन केला सँ सभ तरहक मनोकामना पूरा होयत अछि। बाबा कुशेश्वर नाथ महादेव केँ स्थापना सत्य कथा पर आधारित अछि। 

कहल जायत अछि कि मकरंदा ग्राम मे कुशो झा नामक एक ब्राह्मण छला, जिनकर पढ़ाई-लिखाई ज्योतिषी विद्या बनारस मे भेल छल। ज्योतिषी विद्या पढ़ाई पूरा केलाक बाद हुनकर नाम पंडित कुशो झा भ' गेल। पंडित कुशो झा ज्योतिषी विद्या मे निपुण छलाह जाहिक कारण ओ बहुत  विख्यात छलाह। पंडित जी सरल स्वभावक छलाह आओर लोग सभक सेवा मे सदिखन लागल रहैत छलाह।

किछु समय बितलाक बाद पंडित जी केँ बिआह भ' गेल, हुनका दू लड़का आओर दू लड़की छलैन्ह। हुनकर खुशहाल परिवारक जिनगी नीक जोका कटैत छलैन्ह। अंक ज्योतिष विद्या सँ आय केर स्रोत नीक आबैत छलैन्ह। दुर्भाग्यवश पंडित जी केँ दूनू बेटाक मृत्यु भ' गेल। पंडित जी उदास रहे लागला। अप्पन दूनू बेटिक बिआह दान केलाक पश्चात ओ अप्पन आश्रम बनारस मे बनेला।  

पंडित जी जहिया कहियो अप्पन घर आबैत रहथिन तेँ दरभंगा महाराजा  केँ दरबार मे अप्पन ज्योतिषी विद्याक पराक्रम देखबैत रहथिन। एक दिन पंडित जी काशी मे भगवानक ध्यान मे लागल छला तखने एकाएक हुनका मन मे एलनि कि किएक नहि सभ संपत्ति बेच काशी विश्वनाथ भोले बाबा केँ स्थापना करी भगवानक शरण मे अपना आप केँ समर्पित क' दी। ओहिक बाद पंडित जी मकरंदा स्थित भोले शंकर केँ अस्थापना काशी नगरी सँ शिवलिंग आनी केलनि जाहिकेँ काशी विश्वनाथ मंदिर मे पूजा अर्चना करी स्पर्श कराओल गेल छल।  

पंडित जी द्वारा स्थापित शिवलिंग केँ दर्शन सँ लोग सभकेँ मनोवांछित फल प्राप्त होमे लागल। मंदिर प्रांगण मे लोग सभक हर समय दर्शन करबाक लेल भीड़ लागे लागल। भोले शंकर केँ स्थापना केलाक बाद पंडित जी केँ फेर सँ दू पुत्र प्राप्त भेल जाहिमे एक केँ नाम महादेव आओर दोसर केँ नाम शंकर राखल गेल। दू पुत्र भेलाक बाद पंडित जी केँ मृत्यु भ' गेल। 

लोग सभक मानब अछि कि समय समय पर मंदिर मे एक नाग सांप आबैत अछि जाहिकेँ बहुतो लोग देखना छथिन। नाग किछु देरक बाद लापता भ' जायत अछि। पंडित जी केँ मृत्यु भेलाक बाद ओहि शिवलिंग केँ नाम बाबा कुशेश्वर नाथ महादेव सभ ग्रामीण मिल केँ राखलनि। इस स्थान पर हरेक रवि दिन सत्संग आओर भजन कीर्तन केँ भव्य आयोजन होयत अछि। एहिठाम महाशिवरात्रि महोत्सव सेहो बहुत धूमधाम सँ मनाओल जायत अछि। एहि अवसर पर हर बरख बड़का - बड़का संत सभक प्रवचन होयत अछि आओर शिव विवाह केँ मनोरम झांकी निकालल जायत अछि। 

बाबा कुशेश्वर नाथ महादेव केँ भव्य मंदिर पंडित कुशो झा केँ पुत्रवधू गोदावरी देवी द्वारा बनाओल गेल अछि आओर पंचायत द्वारा ऐहिक सौंदर्यकरण कायल जे रहल अछि। स्व. पं. श्री सुशील झा केँ एहि मंदिरक  विकास मे सराहनीय योगदान रहल अछि। ओतहि मकरंदा ग्रामवासी डॉ राम मोहन झा कैको बरख सँ एहि स्थान पर महाशिवरात्रि महोत्सव केर  सफल आयोजन करी शिव विवाह केँ मनोरम झांकी निकलबाबैत छथि जाहिमे हजारो श्रद्धालु भाग लैत अछि। ओतहि डॉ. झा मंदिरक विकास मे अप्पन भरपूर योगदान दैत आएब रहल छथि। मनीगाछी प्रखंडक मकरंदा गाम स्थित बाबा कुशेश्वर नाथ महादेव मंदिर लोग सभक बीच आस्थाक प्रतीक बनल जे रहल अछि।