उज्जवल कुमार झा केँ टटका रचना "अज्ञानी छी हे मइया ज्ञान हम मंगई छी" - मिथिला दैनिक

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शनिवार, 20 जनवरी 2018

उज्जवल कुमार झा केँ टटका रचना "अज्ञानी छी हे मइया ज्ञान हम मंगई छी"


दरभंगा। 20 जनवरी। दरभंगा जिलाक बसुआरा निवासी "उज्जवल कुमार झा" हिन्दी आओर मैथिली भाषाक प्रख्यात युवा लेखक छथि। हिनकर रचना केँ लेल पछिला बरख हिनका "ऑल इंडिया राइटिंग कम्पीटीशन्स 2017" के विजेता घोषित कायल गेल छल। 

प्रस्तुत अछि हिनकर टटका रचना "अज्ञानी छी हे मइया ज्ञान हम मंगई छी"

माँ शारदे अहीं सऽ विनती हम करई छी ,
अज्ञानी छी हे मइया ज्ञान हम मंगई छी ,
जीवन बनल अन्हरिया, ज्योति ज्ञान के जराबू ,
बेटा बाट पर पड़ल अछि, माँ अपना शरण बजाबू , 
हे हंसवाहिनी माँ, एक नजरि फेर दिऽ ,
हे वीणा वाली मइया,आशीष हमरा दिऽ , 
अज्ञानता हे मइया हमरा सऽ दूर भगाबू ,
विज्ञानता सऽ मइया जीवन सफल बनाबू ,
अहीं चरण मे मइया उज्जवल करै निहोरा ,
सब ग़लती के माफ़ करू उठा लिऽ कोरा , 
अहाँ सऽ कल जोइर माँ विद्या हम मंगई छी ,
अप्पन जीवनक विपदा अहीं के माँ कहई छी ,
अहाँ जऽ नई सुनबै मइया कहियौ के सुनतई ,
बेटा अहाँ कें मइया केकरा सऽ जाकऽ कहबई ,
विनती हम्मर ए मइया अहाँ सुइन लेबई ,
आशीष अप्पन दऽ कऽ हम्मर जीवन सफल बनेबै।।

सर्वाधिकार सुरक्षित
✍ © उज्जवल कुमार झा
सम्पर्क सूत्र - 8617783868