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मुंबई। 11 नवम्बर। [जितमोहन झा (जितू)] हमरा चाही मिथिला राज्य, मुदा कोना भेटत 'अलग मिथिला राज्य' ?  ई सवाल हरेक मैथिलक मोन मे सदिखन उठैत रहैत अछि, आओर एहि तरहक सवाल उठब सेहो जायज अछि। हम सभ नीक जोका बुझैत छी जे  मिथिलाक कैको सपूत अलग मिथिला राज्य लेल दिन राति एक करीकेँ अभियान चला रहल छथि। मुदा की दू - चारि गोटा (जे निःस्वार्थ भाव सँ एहि अभियान केँ आगू बढ़ा रहल छथि) केर प्रयास सँ नवा मिथिला राज्य केर निर्माण संभव अछि?

मिथिला राज्य अभियान केँ आगू बढ़ेबाक लेल एक सँ एक विद्वान मैथिल वृन्द लागल छथि, तखन ई अभियान सफल किएक नहि भ' रहल अछि ?
एतेक बड़का सवाल केँ जबाब देब हमरा एहेन अज्ञानी मैथिलक लेल संभव नहि बुझैत अछि, किएक जे हम पहिने कही चुकल छी जे एहि अभियान केँ आगू बढ़ेबाक लेल एक सँ एक विद्वान मैथिल वृन्द लागल छथि।

हमरा एहेन अज्ञानी केँ जतबा बोध अछि, ओहिक मुताविक एखन धरी "अलग मिथिला राज्य" लेल चलाओल जे रहल अभियान असफल होयबाक मुख्य कारण निम्न प्रकारे अछि;
  • अलग मिथिला राज्य अभियान केँ जतेक मुख्य अभियानी छथि हुनका सभक सोच ई छैन्ह जे ओ असगरे "मिथिला राज्य" केर निर्माण करबा मे सक्षम छथि ताहिलेल एहि अभियानक मुखिया हुनका नियुक्त कायल जाए।
  • एहि अभियान केँ आगू बढ़ेबाक लेल एक केँ बाद एक नवा संगठन/समूह  केर निर्माण होयत अछि, आओर ओहि संगठन केँ मुखिया पदक दावेदार क' जखन केओ मोजर नहि दैत छैन्ह तेँ फेर सँ एक अलग संगठन/समूह तैयार भ' जायत अछि।
  • हम सभ मैथिल सदिखन ई बुझैत छी जे हमरा सनक काविल केओ छबे नहि करैथ ताहिलेल हम जे कही उवे होयबाक चाही अथवा हम जे निर्णय देलहुँ ओ सभके मान्य होयबाक चाही।
  • किछु संगठन केर कुकृतिक कारण मैथिल समाजक नजैर मे मैथिल - मिथिला सँ संबंधित सभ संगठन सिर्फ आओर सिर्फ "चंदा केर धंधा" करबाक लेल बनाओल जायत अछि। कैको जगह ऐहिक सच्चाई सेहो सभक समक्ष आयल अछि।
  • मिथिला राज्य अभियान केँ सफल बनेबाक लेल अभियानी लोकनिकेँ मैथिल समाजक  हृदय मे जगह बनबे पड़तनि आ ई तखने संभव अछि जखन मिथिला राज्य अभियानी मैथिलक सुख/दुख घरी मैथिलक संग ठाढ़ हेथिन, नहिकी बाढ़ि एहेन बड़का आपदा सभमे सेहो अदृश्य रहथिन। एहि स्थिति मे मैथिल समाज कहियो एहि अभियानक संग नहि देता।
  • मिथिला राज्य लेल मिथिला मे अभियान चलेबाक जरुरत अछि। मुम्बई, दिल्ली आ आन शहर मे चलाओल जे रहल सभ अभियान निरर्थक अछि।
  • कोनो सफल अभियान चलेबाक लेल आपसी एकता केर जरूरत होयत अछि जाहिसँ हम सभ मैथिल कोसो दूर छी। आजुक समय मे समस्त मिथिला राज्य अभियानी केँ उद्देश्य एक अछि, मुदा अभियान टुकड़ी - टुकड़ी मे चलाओल जे रहल अछि।
  • मैथिल यदि सच मे "अलग मिथिला राज्य" चाहैत छथि तेँ सभसँ पहिने टुकड़ी - टुकड़ी मे चलाओल जे रहल अभियान आओर अभियानी केँ एक सूत मे बान्हबाक प्रयास कायल जाए किएक जे ऐहिक बिना ई अभियान कहियो सफल नहि भ' सकैछ।
  • हम सभ यदि अप्पन नजैर घुमाबी तेँ देखब कि अलग मिथिला राज्य अभियान केर चिंता अगबे प्रवासी मैथिल सभके छैन्ह, मिथिलाक धरातल पर किनको ऐहिक बोध नहि कि एहि तरहक कोनो अभियान चलाओल जे रहल अछि आओर ऐहिक जरुरत छबो करे वा नहि। 
  • यदि प्रवासी मैथिलक बल पर हम सभ एहि अभियान केँ आगू बढ़ायब तेँ अभियान कते धरी आगू बढ़त? सच गप ई अछि जे प्रवासी मैथिल एहि अभियान केर समर्थन किछु पाई केर सहयोग करैत अगबे सोशल मीडिया पर क' सकैत छथि धरातल पर नहि। 
  • प्रवासी मैथिल धरातल पर समर्थन एहि लेल नहि क' सकैत छथि किएक जे 70% प्रवासी मैथिल जखन परदेश मे दू टाकाक उपार्जन करैत छथि तखन हुनक घर केँ चूल्हा जड़ैत छैन्ह आओर केओ जिम्मेवार मैथिल नहि चाहता कि एहि अभियानक पाछू हुनकर घरक चूल्हा बंद भ' जाए। 
  • हम सभ यदि प्रवासी मैथिलक बल पर ई अभियान केँ सफल बनबे चाहैत छी तेँ सभसँ पहिने हमरा सभके बहुत नमहर फंड केर व्यवस्था करे पड़त ताकि हम सभ प्रवासी अभियानी केँ ई विश्वास दिया सकी जे अहाँ आंदोलन  केँ सफल बनेबाक लेल मिथिलाक धरातल पर आऊ, अहाँक घरक चूल्हा कहियो बंद नहि होयत। आओर ई अगबे कथनी नहि होयबाक चाही हमरा सभके करे सेहो पड़त। 
  • अपने यदि देखब तेँ अलग मिथिला राज्य अभियान अगबे सोशल मीडिया पर चलाओल जे रहल अछि जाहिकेँ मिथिलाक धरातल पर उतारबाक जरुरत अछि। 
एहि तरहक बहुत रास बात अछि जाहि चलते कैको बरख सँ कैको संगठन/समाजसेवी द्वारा चलाओल जे रहल ई अभियान जस केँ तस पड़ल अछि, आओर जाधरि उपरोक्त बात पर अभियानी लोकनि ध्यान नहि देथिन कहियो ई अभियान सफल नहि होयत। यदि उपरोक्त बात पर ध्यान देल जाए तेँ संसाभ विश्वास क' सकैत छी जे एहि अभियान केँ मिथिलाक एक - एक बच्चा केर सहयोग भेटत किएक जे किनका अप्पन अधिकार नहि चाही?

धन्यवाद। 

जय मैथिल, जय मैथिली, जय मिथिला। 

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