0

मधुबनी। 22 अगस्त।[मिहिर कुमार झा "बेला "] तीन तलाक मामला पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा छह माह लेल रोक लगाओल गेल अछि। सुप्रीम कोर्ट के जीफ जस्टिस खेहर कहलनि कि एहि पर संसद 6 माह केर भीतर कानून बनाएत। चीफ जस्टिस कहलनि कि कानून बनेबाक काज संसद केँ अछि। हाल तुरंत सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऐहिके नहिये खारिज काएल गेल आओर नहिये मान्यता देल गेल अछि। जीफ जस्टिस खेहर कहलनि कि एखन तीन तलाक बनल रहल, संसद क' एहि मामला पर देखा पड़त कि एहिपर कानून बनाओल जे सकैत अछि वा नहि।

अपने क' बता दी पांच जजक संविधान पीठ द्वारा 18 मई क' एहि पर फैसला सुरक्षित राखल गेल छल। एहि व्यवस्था क' खत्म करबाक लेल मुस्लिम महिला सभक दिस सँ सुप्रीम कोर्ट म' दलील राखल गेल छल, जखनकि पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा ऐहिके धार्मिक मसला बतबैत एहि पर सुनवाई नहि करबाक मांग काएल गेल छल। 

केंद्र सरकार द्वारा सेहो सुनवाई केर दौरान तलाक-ए-बिद्दत माने एक संग तीन तलाक क' खत्म करबाक लेल सुप्रीम कोर्ट म' अपनी काएल गेल छल आओर देल गेल हलफनामा म' कहल गेल छल कि तीन तलाकक प्रथा वैध नहि अछि एहि लेल ई प्रथा बंद होएबाक चाही। 

सुनवाई केर दौरान कोर्टक समक्ष ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मानने छल कि ओ सभ काजी सभक विचार जारी करैत ट्रिपल तलाक पर नहि सिर्फ महिला सभक राय लेत, बल्कि हुनकर निकाहनामा म' शामिल सेहो करत। आब सभक नजैर सुप्रीम कोर्टक फैसला पर टिकल अछि।

मिथिला दैनिक क' समाचार ईमेल द्वारा प्राप्त करि :

Delivered by Mithila Dainik

मिथिला दैनिक (पहिने मैथिल आर मिथिला) टीमकेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, पाठक लोकनि एहि जालवृत्तकेँ मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय आ सर्वग्राह्य जालवृत्तक स्थान पर बैसेने अछि। अहाँ अपन सुझाव संगहि एहि जालवृत्त पर प्रकाशित करबाक लेल अपन रचना ई-पत्र द्वारा mithiladainik@gmail.com पर सेहो पठा सकैत छी।

 
#zbwid-2f8a1035