0

सहरसा। 16 अगस्त। मिथिलाक सुप्रसिद्ध गाम, विद्वान आओर कुशल जनशक्तिक मूल भूमि बनगाँव केँ कृष्ण जन्मोत्स्व लगभग 1700 ई. सँ निरंतर मनाओल जाएत अछि। कहियो गामक एकमात्र ब्राह्मण परिवार (मूल सरिसवे) द्वारा एहि जन्मोत्स्व केर शुरूआत काएल गेल छल जकरा बाद म' बाबाजी (लक्ष्मीनाथ गोसाईं) केर सुझाव - निर्देशानुसार समूचा गाम मिलिजुलि क' मनाबय लागल। तहिया सँ कृष्णाष्टमी एहि गामक समस्त जनमानसक मुख्य पूजाक रूप म' स्थापित होएबाक किंवदन्ति जगजाहिर अछि।
बनगाँव केँ आसपड़ोसक गाम सँ सेहो विशाल संख्या म' ग्रामीण सब एहि ठामक कृष्णाष्टमी देखय लेल अबैत छथि। ई मेला 3 दिन धरि चलैत अछि। एहि बरख ई मेला 14 अगस्त सोमदिन सँ शुरू भेल जाहिक आए समापन थीक। मेला केँ अवसर पर सांस्कृतिक नृत्य, नाटक आदिक आयोजन सेहो कैल जाएत अछि। तहिना एहि अवसर पर बाबाजीक मनपसन्द खेल कबड्डीक आयोजन सेहो कैल जाएत अछि, जाहि मेँ गामक लोक सामूहिक रूप सँ भाग लैत छथि।

हर बरख कृष्णाष्टमीक सुअवसर पर भगवान् श्रीकृष्ण समेत दर्जनों भरी भगवान् केँ नव मूर्ति बनाय विध - विधानपूर्वक पूजा - अर्चना कैल जायत अछि। बिसर्जन उपरान्त एहि ठाम कीर्तन आरंभ होइत अछि जे अनंत पूजा धरि चलैत अछि।
सोमदिन 14 अगस्त क' बनगाँव बाबाजी कुटी म' आयोजित तीन दिवसीय कृष्ण जन्माष्टमी मेलाक उद्घाटन संत खयाली ख़ाँ केँ बंगला पर मुख्य अतिथि अपर उपसमाहर्ता धीरेन्द्र कुमार झा, पूर्व विधायक आलोक रंजन आओर पूर्व विधायक संजीव झा दीप प्रज्वलित करि केलनि। 

जन्माष्टमीक शुभ अवसरपर बनगाँव नगरी भक्तिमय वातावरण म' आकंठ डूबल अछि। भगवान् श्री कृष्ण केर अवतार भाद्रपद केर कृष्ण पक्षक अष्टमी तिथिक मध्यरात्रिकाल म' अत्याचारी कंस केँ विनाश करबाक लेल भेल छलन्हि। भगवान् कान्हाक मोहक छवि आओर मेला देखबाक लेल दूर-दूर सँ लोक सब बनगाँव पहुँचल छथि। 

मिथिला दैनिक क' समाचार ईमेल द्वारा प्राप्त करि :

Delivered by Mithila Dainik

मिथिला दैनिक (पहिने मैथिल आर मिथिला) टीमकेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, पाठक लोकनि एहि जालवृत्तकेँ मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय आ सर्वग्राह्य जालवृत्तक स्थान पर बैसेने अछि। अहाँ अपन सुझाव संगहि एहि जालवृत्त पर प्रकाशित करबाक लेल अपन रचना ई-पत्र द्वारा mithiladainik@gmail.com पर सेहो पठा सकैत छी।

 
#zbwid-2f8a1035