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सहरसा। 17 अप्रैल। शहर के जिला परिषद प्रांगण मे आयोजित तीन दिवसीय मिथिलांचल नाट्य महोत्सव केर समापन कैल्ह रवि दिन भेल।  महोत्सव मे कलाकार सभ अपन प्रस्तुति सँ लोग सभक मन मोहि लेलैन्ह। पूरा महोत्सव मे लोक नृत्य केर धूम मचल रहल। महोत्सव मे कलाकार सभ भारत नाटयम, कत्थक सहित लोक नृत्य सभसँ लोग सभकेँ झूमा देलनि। 

शशि सरोजनी रंगमंच सेवा संस्थान द्वारा आयोजित एहि महोत्सव मे पश्चिम बंगाल सँ आएल श्रेया गांगुली, पटना के शाहिद आलम, आसाम गोहाटी के मृणालनी वैश्य, झारखंड के जमशेदपुर सँ आएल तारित सरकार आओर पूजा पॉल अपन नृत्य सँ लोग सभके मंत्रमुग्ध क' देलनि।

ओतहि पश्चिम बंगालक कोलकाता के मधुरा मुखर्जी एवं कोलकाता के हेमंत विश्वकर्मा भारत नाट्यम व कत्थक नृत्य केर अनुपम प्रस्तुति देलनि। ऐहिक अलावा सीबी राज, मानवी, दिव्यांश, आशीष आनंद सेहो सुगम संगीत केर प्रस्तुति देलनि। 

मोहन राकेश लिखित व कुंदन वर्मा द्वारा निर्देंशित नाटक आषाढक एक दिन केर मंचन सेहो कायल गेल। एहि नाटक के सहायक निर्देशक आनंद झा छला। नाटक मे प्रवीण कुमारी, रोहित झा, संजय कुमार, प्रकाश कर्ण, आनंद झा, शक्ति शिवानी, वर्षा कुमारी, शुभम कुमार, ज्योतिष कुमार, इन्द्रजीत कुमार अभिनय केलनि। 

महाकवि कालिदास के निजी जीवन पर केन्द्रित एहि नाटक मे महिला रंगकर्मि सभ सशक्त अभिनय केलनि। शुरू मे रंगमंच पर सामाजिक चेतना विषय पर व्याख्यान आयोजित काएल गेल। जाहिमे मुख्य रूप सँ मुंगेर सँ आएल साहित्यकार विजय कुमार गुप्त, अजय कुमार सिंह, रूपेश कुमार आदि शिरकत केलनि। कार्यक्रम केर संचालन संस्थान के सचिव वंदना कुमार वर्मा केलनि। एहि मौका पर हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, संरक्षक अधिवक्ता अशोक कुमार वर्मा, रमण कुमार झा, कुंदन वर्मा आदि उपस्थित छला।

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