दहेजक उन्मूलन लेल "दहेज मुक्त भारत" केर अनुपम सोच व प्रयास - मिथिला दैनिक

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सोमवार, 27 मार्च 2017

दहेजक उन्मूलन लेल "दहेज मुक्त भारत" केर अनुपम सोच व प्रयास

मुम्बई। 27 मार्च। कोनो प्रकारक कुरीति के जड़ि सऽ खतम करय के जँ अमृत समान औषधि अछि, तऽ ओ अछि -शिक्षा।

शास्त्रो मे कहल गेल छैक - " माता शत्रु पिता वैरी येन वालो न पाठिता।" 

अनेकानेक विकट समस्या सभ मे सऽ एक अछि - दहेजक समस्या। एहू के समूल नाश करय के  एक मात्र विकल्प शिक्षे होयत। कन्या पढत तऽ स्वावलंबी बनत आ जखनि स्वावलंबी बनत तखन कथीक दहेज। दहेज देबय लेल तऽ पिता एहि लेल ने  विवश होइत छथि जे जमाय हमर बेटी के भरण-पोषण करताह, मुदा बेटीयो जऽ तदजन्य रहत तखन  दहेज कोन मुँह स मँगबै आ मँगबै तऽ बिन व्याहले रहब, हरदि चून लागत, ओहुना अनुपात मे बेटीक संख्या कम्मे छैक आ  बेटी के कोइखे मे मारय के  घिनौना मानसिकता जँ बन्द नञि करब तऽ आर विकट स्थिति होयत ? 

एहि क्रम मे हालाँकि सामाजिक संगठन सभ सजग भऽ रहल अछि जाहि मे "दहेज मुक्त भारत" एखनि अग्रणी भूमिका मे अछि।

काल्हि लोकमान्य तिलक हिन्दी हाईस्कूल विरार मुम्बई मे एकटा विलक्षण उत्कृष्ट  अनुभव भेल। अवसर छल दहेज प्रथा जड़ि सऽ समाप्त करय के लेल "दहेज मुक्त भारत" के दूरगामी सोच के अन्तर्गत बालिका शिक्षा व आत्मनिर्भरता के अनुपम सोच। दहेज मुक्त भारत के अध्यक्ष श्री आनंद झा जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अनिल मिश्र जी एवं राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी व प्रखर प्रवक्ता श्री मनिष चौधरी जी के संग संग विशेष रूप स मुम्बई के समस्त कार्यकारिणी महिनो स एकटा उच्च सोच के तहत एहि पुण्यप्रद जनकल्याणकारी काज के तैयारी मे लागल छलाह जाहि मे श्री अनिल मिश्र जी के भूमिका के जतेक सराहना कयल जाय से कम होयत।
योजनानुरूप जरूरत मंद बालिकाक चयन के लेल ताकि हुनकर सबहक शिक्षा परिस्थितिवश नञि रूकैन महिनो स घर घर एकटा फाॅर्म बाँटल गेल ऑकलन के लेल आ काल्हि दिनांक  26 - 3 - 2017 कऽ ओहि बालिका सभ मे सऽ चयनित लगभग  1200 बालिका के अभ्यास पुस्तिका बाँटल गेल आ शिक्षा पुरा करेबाक भरोसा दिआओल गेल जकर साक्षी लगभग डेढ सय उपस्थित गणमान्य लोकनि छलाह। 

अभ्यास पुस्तिका वितरण उपरान्त समितिक बैसार भेल आ गहन विचार विमर्श भेल। ज्ञातव्य जे दहेज मुक्त भारत सम्पूर्ण देश  मे चतरल अछि, पसरल अछि। एहेन सोच के संग जँ एहेन कृयान्वयन सर्वत्र होयत आओर संगहि संग एहि स सम्बन्धित आओर सामाजिक संस्था सभ जँ एहि तरह सऽ ठानि लेथि तऽ इ विकराल समस्याक समाधान सहज रूपें किएक नञि होयत, बल्कि शिक्षा के कारण तऽ सभ प्रकारक कुरीतिक विनाश भऽ जायत ? श्री कृष्ण कुमार झा अन्वेषक जी, क  कुशल वक्तृत्व व प्रखर संचालन मे स्मरणीय बैसार भेल।

बैसार व एहि कल्याणप्रद कार्यक्रमक के सहभागी व साक्षी  छलाह ओहि मे सऽ किछु  :- सर्वश्री / श्रीमती आनन्द झा  ( संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष ),  अनिल मिश्र, श्रवण झा, दीपक झा, कमल झा शेठ जी, कमल कान्त झा, प्रो . कृष्ण कुमार झा अन्वेषक, गोकुल देव झा, सम्पति झा, धर्मेन्द्र नाथ ठाकुर, आनंद मोहन झा,  अनिल मिश्र  (कनिष्ठ ) रहिका, वासुकी झा, सुनील मिश्र, रविंद्र झा, पुतुल रविन्द्र झा,  अंगद चौधरी, प्रतिभा झा, विभा झा, संगीता झा,  कंचन झा, तिलक चौधरी, पुनीता चौधरी, ममता ठाकूर, शैलेन्द्र झा, बौआ कान्त झा, अलिन्द्र झा बाबा, श्री फूल झा (एक्टर), श्री शशि सिंह, संतोष झा, संतोष मिश्र, बिकु झा, देवेंद्र झा, शुभचंद्र झा, कृष्ण कुमार झा, रमण झा, नवीन कुमार मिश्रा, अशोक सिन्हा, त्रिपुरारी चौधरी, राजेश राय, कृष्ण कुमार पत्रकार, महेश मिश्र पत्रकार, सुनील ठाकुर, रोशन झा, विनित चौधरी, रणधीर झा, अरविन्द जी,  उमेश झा, भवेश झा, रोहित झा, लक्ष्मण झा, भविन्द्र मिश्र, आदि।