पटना नाह दुर्घटना मे शिकार एक जवान बेटा के बापक किछ सवाल, जाहिक जवाब के देता? - मिथिला दैनिक

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सोमवार, 16 जनवरी 2017

पटना नाह दुर्घटना मे शिकार एक जवान बेटा के बापक किछ सवाल, जाहिक जवाब के देता?

पटना। 16 जनवरी। गंगा घाट पर रोज लाश देखार दैत अछि। रोज लाश जरैत अछि। गंगा घाट से 24 लाश पटना मेडिकल कॉलेज गेल। फेर गंगा घाट आयल। बच्चा सभक शव गंगामे प्रवाहित भेल।

एहि दुःखद घटना के बीच अस्पताल से घर आर घर से श्मशान घाट तक कैको सवाल उठल। जवाब मे जे बात सुनबाक लेल भेटल, ओ छल लापरवाही आर बदइंतजामी। दोषी के? ई बुझब एखन बांकी अछि। किछ एहेन सवाल अछि, जाहिक जवाब आयब जरूरी अछि;

  • छठ आर कार्तिक पूर्णिमा जेहेन मौका पर पटना समेत आसपास के क्षेत्र मे गंगा मे निजी नाह सभक परिचालन पर रोक लगा देल जायत अछि। पतंग महोत्सव मे सेहो किछ बरख से भारी भीड़ लागे लागल अछि। तैयो निजी नाह पर रोक नहि लगाओल गेल। नहिये अतिरिक्त सरकारी नाह केर व्यवस्था कायल गेल। ऐहिक लेल जिम्मेवार के ?
  • दुर्घटना के बाद नाविक के अता-पता नहि अछि। यदि नाह सभक रजिस्ट्रेशन ठीक ढंग से हेतिया, ते कम से कम प्रशासन क' पता जरूर हेतिया कि मंझधार मे एतेक लोगक जान लेनिहार नाविक के छला? यानी गंगा मे बिना रजिस्ट्रेशन के नाह चैल रहल अछि। कुनु नियंत्रण नहि अछि। ऐहिक लेल जिम्मेवार के ?
  • अधिकारि सभक गांधी घाट छोड़बाक बाद पर्यटन निगम के बड़का जहाज खराब भ' गेल। ओहिक बाद कुनु जिम्मेदार अधिकारी क' ई किएक नहि बुझबामे अएलन्हि कि जाहि 30 हजार से बेसी लोग क' दियारा पहुंचाओल गेल अछि, ओ शहर कोना लौटता? पूरा व्यवस्था केर निगरानी किनका जिम्मा छल?
  • कहल जे रहल अछि कि मंच से तीन बजे अचानक घोषणा क' देल गेल कि सांझ 4 बजे के बाद नाह नहि चलत। भीड़, नाहकसंख्या, लोग सभक मनोदशा आर अफरातफरी क' नजरअंदाज करैत एहेन उद्घोषणा किएक कायल गेल, जहिसे लोग घबरा गेल आर जान जोखिम मे द' खतरनाक नाह पर बैस गेल? आयोजन केर प्रबंधक के छला? जे भीड़ प्रबंधन के सामान्य नियम सभक अनदेखी केलन्हि?
  • छपरा आर पटना दुइ जिलाक प्रशासन आब सामान्य अनुमति आर सामान्य प्रबंधन ल'के एक दोसर पर दोष मढ़ी रहल अछि। प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी जाहि कार्यक्रम केर मुख्य अतिथि छला, ओहि कार्यक्रम ल'के ऐहिक स्थिति किएक? चारि दिन धरी चले बला आयोजन ल'के प्रशासनिक अधिकारि सभक बीच 'संवादहीनता' केर जिम्मेवार के ? 
  • प्रत्यक्षदर्शि आर हादसा में शिकार लोग सभक बयान से आयोजन के प्रबंधन, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंधन, आपदा प्रबंधन केर घोर लापरवाही स्पष्ट अछि। एहि हादसे के बाद सेहो जांच कमेटी केर सिफारिश के सेहो हश्र की छठ या दशहरा हादसा जेहेन होयत? की कुनु एको जिम्मेदार अधिकारी केर निलंबन या स्थानांतरण से बेसी कुनु सजा भेटत, जे सबक बैन सके? ई सवाल हादसे मे शिकार एक जवान बेटा के बापक अछि। ऐहिक जवाब के देता?