महाबैसार - महापंचायत : अजयनाथ झा (शास्त्री) - मिथिला दैनिक

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बुधवार, 14 दिसंबर 2016

महाबैसार - महापंचायत : अजयनाथ झा (शास्त्री)

मुम्बई। 14 दिसम्बर। एक्कहि बाटक सब बटोही । सब के चाही मिथिला राज्य,  तखन एतेक मतभिन्नता किएक? हम सब आखिर सामुहिक प्रयत्न किएक नञि कय सकैत छी?  एक ठाम बैस महाबैसार व महापंचायत कय साझा कार्यक्रम किएक नञि निर्धारित कय सकैत छी? अप्रैल मे लोक के थोड़ेक राहत रहैत छैक तें अप्रैल मे एकटा महाबैसार करै जाउ आ मैथिली दिवस  कऽ जे जतय छी सब ठाम स सभ सामुहिक हूंकार भरू , 15 अगस्त आ 26 जनवरी जेना स्वतः बिना कोनो पुछ-पाछ के मनबैत छी तहिना मिथिलावासी मैथिली दिवस शांतिपूर्ण रैली, धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन आदि के माध्यम स मनाउ, सामुहिक एकता के हूंकार भरू ।

एक बेर पुनः कहल जा रहल अछि कि इ एकटा मात्र जनचेतना जगाबय के प्रयास थिक आ एकटा, की कहबै एकरा, शब्द नञि फुरा रहल अछि , हँ आधुनिक भाषा मे इवेंट मैनेजमेंट कहि सकैत छी अर्थात सब संगठनक प्रतिनिधि व मिथिला राज्य अभियानी लोकनि एकठाम इकट्ठा होइथ आ एकटा साझा कार्यक्रम बना सामुहिकताक बल देखाबैथ से मात्र हमर उद्देश्य थिक । कहब बेर बेर कहैत छी मुदा कहय पड़ैत अछि जे हम नञि कोनो पद ग्रहण करब, नञि एहि मदक एकटा सार्वजनिक पाई छूअब बल्कि कहब तऽ हम महाबैसार मे उपस्थितो नञि होयब, मुदा हमर एक्कहि टा उत्कंठा अछि जे कहुना मिथिला राज्य भेटै आ तदुपरांत हमहूँ अपन भजन कीर्तन कथा भागवद् मे लागी, से कहुना आहाँ सभ मिथिला राज्य दिया दिअ , आब एहि स बेसी हम प्रमाण नञि दय सकैत छी, सिना चिर कय देखा दी से सामर्थ्य नञि ।

आब सब स पहिने हम एखनुक चर्चित संगठन - मिथिला स्टूडेंट यूनियन, मिथिला राज्य निर्माण सेना, अखिल भारतीय मिथिला पार्टी, मैथिल सम्मन्वय समिति , मिथिला विकाश परिषद कोलकाता,  मैथिल मंच, पाग बचाउ अभियान, दहेज मूक्त मिथिला  संगहि संग पुरान संगठन अन्तरराष्ट्रीय मैथिल परिषद, अन्तरराष्ट्रीय मैथिली परिषद आदि आदि अनेकानेक ज्ञाताज्ञात संगठन सभ स निवेदन, नञि निवेदन किएक बल्कि सब गोटे के समाद देल जा रहल अछि जे एक ठाम बैसू आ महाबैसार करू मिथिला के लेल महापंचायत करू। लक्ष्य आगुक विधानसभा अछि जे बड़ लगीच अछि।

निश्चित रूप स उपरोक्त अनेकानेक ज्ञाताज्ञात संगठन सभ पुरजोर मेहनत कय रहल छी जे प्रशंसनीय अछि आ सदा स हमहूँ प्रशंसा करैत रहैत छी। खास कय मिरानसे के निगम पार्षद सभ के प्रेरित करय के प्रयास,  मिसू के विभिन्न मुद्दा सभ के लय कऽ संघर्ष करब, अखिल भारतीय मिथिला पार्टी के कंबल बाँटब, भागलपुरक दलित महिला सभ पर अत्याचार के तरफ लोक के ध्यान आकर्षित करब, हस्ताक्षर अभियान आदि, मैथिल सम्मन्वय समिति के ऐतिहासिक वर -वधु परिचय सम्मेलन, पुरान संगठन अन्तरराष्ट्रीय मैथिल परिषद, अन्तरराष्ट्रीय मैथिली परिषद आ आओर अनेकानेक संगठनक सहयोग स  अष्टम अनुसूची मे मैथिली के स्थान दियायब , मिथिला विकाश परिषद कोलकाता आ मैथिल मंचक विभिन्न रचनात्मक व उत्साहवर्धक काज, पाग बचाउ अभियान के प्रतिष्ठित काज, दहेज मुक्त मिथिला के प्रसंशनीय प्रयास एही तरह स आओर अनेकानेक ज्ञाताज्ञात संगठनक सराहनीय काज, तहिना अनेकानेक अभियानी जेना श्री रोहित यादव, श्री बीरबल यादव आदि आदि के सराहनीय काज सभ वास्तव मे जागैत मिथिला के उदाहरण अछि आ प्रसंशनीय अछि, आस अछि ।  

किछु  संगठन सभक इहो सोच जे -"हमरे संगठन बढत आ बढैत बढैत लक्ष्य पाबि लेत " स इन्कार नञि कयल जा सकैछ,  मुदा से जल्दी संभव नञि, ताहि भरोसे रहब तऽ पुनः बहुत देर भऽ जायत आ भविष्य के गर्त मे चलि जायत मिथिला राज्य आन्दोलन । ईशारा सभ गोटे समझि गेल होयब, अवसर बेर बेर नञि अबैत छैक आ से अवसर आयल अछि, हमरा सभके एहि विधानसभा के परिणाम मिथिला राज्य हो से तय करय के अछि, हासिल करय के अछि ।

हम तऽ स्पष्ट बेबाक जे बात यथार्थ बूझाइत अछि कहि दैत छी, घुमा कऽ नाक पकड़यवाला हमर आदत नञि, कोनो लाइ लपटाई नञि आ पुनः कहि रहल छी जे एखनुक परिस्थिति मे चुनाव मात्र अर्थ लड़ैत छैक, अधिकांश सच्चाई इएह छैक, सिद्धान्तवादी के सिद्धांत राखले रहि जाइत छैक आ अर्थवादी तिकड़म कय कऽ बाजी मारि लैत अछि ।

हमरा सभ के आब अर्थ के आभाव नञि अछि आ खर्चो कम नञि करैत छी, मूंडनो मे आब बरियाती जँका रसगुल्ला पात पर गूड़कैत छैक मुदा जेना वर्षा के जल धरती परक अलग अलग गड्ढा सभक भाफ बनि कऽ उड़ि जाइत छैक मुदा  सागर मे से उड़ब  नञि बूझाइत छैक तहिना अलग अलग कतेको प्रयास मे हमरा लोकनि अर्थ बर्बाद कय रहल छी मुदा सागर रूपी सामूहिक कोष बनायब से ऊहि नञि भऽ रहल अछि । 

आखिर एकटा सामुहिक कोष किएक नञि बनि सकैत अछि, एखनहुँ एक स एक  तत्ववेत्ता , विशिष्ट जन सभ छथि जे परद्रव्य के ढेला समान बूझैत छथि तिनका सभके ताकि कऽ किएक नञि आनब मध्यस्थता के लेल,  से सब आ विशिष्ट सहयोगकर्ता सभ के एकटा विशिष्ट टीम बना अर्थ के व्यवहार हर बेर सामुहिक सहमति स किएक नञि भऽ सकैत अछि ?

एहि तरह स सामुहिक संचय मे लोको के विश्वास जगतै आ समस्त मिथिलावासी सहयोग करत, मिथिला मैथिली के एतेक जे खर्चीला कार्यक्रम सभ होइत अछि ओहि मे स एक भाग सामुहिक कोष मे आबि सकैत अछि। कहय के अर्थ जे महापंचायत मे सब तरह स निर्णय लेल जा सकैछ पुनः साझा कार्यक्रम बना कय जे जे चर्चित संगठन सभ चुनाव लड़ब तिनका सभके अर्थ के आभाव नञि रहत आ सशक्त दावेदार के रूप मे संगठन अर्थ  सभ स बलवान रहब अन्यथा माहौल बनायब कियो आ एन वक्त पर ओही माहौल के फायदा उठबैत स्थापित दल पलटी मारि कय मिथिले राज्य तऽ मिथिले राज्य सही, सबटा लाभ लय जायत, हालाँकि मिथिलावासी के ताहि स किछु फर्क नञि पड़तै ओकरा तऽ मात्र मिथिला राज्य स सरोकार?

 निष्कर्षतः सभ संगठन आ अभियानी स कहय चाहब जे जँ वास्तव मे मिथिला राज्य चाही तऽ सामुहिक महाबैसार करू महापंचायत करू आ साझा कार्यक्रम बनाउ, सामुहिक एकता के निर्माण करू, महत्वाकांक्षा मात्र मिथिला राज्यक हो निजी नञि, अन्यथा कतबो कूदि -फाइन लेब लक्ष्यक प्राप्ति नञि होयत आ किनका लेल मिथिला राज्य कतेक महत्वपूर्ण अछि से आबय वाला समय बताओत, मिथिलावासी के अगिला विधानसभा के परिणाम मिथिला राज्य चाही बस?

जय जगैत मिथिला।
.....मैथिल संगठनक संघ