गजल ( एहि सालक बिदाइक दिन ) : बाबा बैद्यनाथ झा - मिथिला दैनिक

Breaking

शनिवार, 31 दिसंबर 2016

गजल ( एहि सालक बिदाइक दिन ) : बाबा बैद्यनाथ झा

रहलै  नीके   ईहो  साल 
नीके रहतै अगिलो साल 
सुख-दुख तँ बस होइते छै 
छी प्रसन्न हो कोनो हाल 
प्रभुक आस लगौने राखू 
कटि जायत ई मायाजाल 
कालाधन सँ जुड़ल लोकसभ 
सरिपहु भेल बहुत कंगाल 
दुष्ट पाक व चीनक संगहि 
आतंकी सभ अछि बेहाल 
जपी नाम सदति भगवानक 
हटि जायत सभटा जंजाल 
नव उमंग उल्लास रहय जँ 
उत्तम  रहतै  पुनि ई साल