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मधुबनी। 23 दिसम्बर। [आलोक कुमार] बिहारक शिक्षा तंत्र पर एक बेर फेर सँ दाग लगायब कुनू लाजिमी नहि भ' सकैत अछि। छात्र -छात्रा तेँ सिर्फ नाम लेल आबैत अछि, लेकिन मवेशी सभक अड्डा जरूर बैन गेल अछि। हम चर्चा क' रहल छी मधुबनी जिला के बासोपट्टी रामजानकी महाविद्यालय केर। जता छात्रा सभक अनुपात कम देखबाक लेल भेटैत अछि मुदा जानवर खूब देखार दैत अछि।

मधुबनी जिला के बासोपट्टी रामजानकी महाविद्यालय म' आय कैल्ह प्रोफ़ेसर जानवर सभ क' शिक्षित करबा में लागल छैथ। नाम के लेल एहि  महाविद्यालय म' 1871 छात्र -छात्रा अछि, मुदा कियो देखार नहि दैत अछि। पूरा दिन ऐता के प्रोफ़ेसर अप्पन दिन काटबा म' लागल रहैत छैथ।  जखन की पूरा जिला मे कागजी तौर पर सभ सँ बेसी छात्र - छात्र एहि महाविद्यालय म' अछि। ऐता धरी पूरा जिला में बहुत नीक जोका एहि महाविद्यालय केर छात्र - छात्रा उतीर्ण होयत अछि। एहि बेर जे बारवीं केर परीक्षा होयत ओहिमे सभ सँ बेसी छात्र छात्रा सभक उपस्थिति होयत। ई सभ सिर्फ रजिस्टर पर चलैत अछि आर प्रोफ़ेसर अप्पन बहुमूल्य समय बैस के बितबैत छैथ। एहि विषय मे कॉलेज के प्रधानाचार्ज भोगेन्द्र यादव कहला कि चहार दीवारी नहि रहबाक कारण मवेशी केर आयब - जायब लागल रहैत अछि।

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