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पटना। 08 नवम्बर। राजधानी म' बढ़ी रहल प्रदूषण लोग सभक सेहत पर भारी पैर रहल अछि। शहर केँ हवा म' पसरल धूलकण केर मात्रा सांसक बीमारि सँ पीडि़त मरीज सभक संख्या बढ़ा देना अछि। प्रदूषण सँ सांसक नलि म' सिकुडऩ केर शिकायत बहुत आइब रहल अछि। खासकरी केँ बच्चा सभ तेजी सँ ऐहिक शिकार भ' रहल छैथ।

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के प्रवक्ता वीरेन्द्र कुमार कहला कि पटना के वातावरण म' मानक सँ ढाई गुणा बेसी प्रदूषण दर्ज कायल गेल अछि। सामान्यत: वातावरण म' श्वसन योग्य धूलकण केर मात्रा 100 माइक्रोन प्रति घनमीटर होयत अछि, लेकिन वर्तमान म' राजधानी के वातावरण म' ऐहिक मात्रा 232.46 माइक्रोन प्रति घनमीटर अछि। वातावरण म' धूलकण केँ मात्रा बढ़ला सँ सांस संबंधी परेशानी भ' रहल अछि।

पीएमसीएच के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीके चौधरी कहला कि प्रदूषण के साथ मौसम म' बदलाव के कारण सेहो सांस संबंधी शिकायत बढ़ा रहल अछि। सांस केँ नली सिकुडला सँ लोग दम फुलबाक शिकायत क' रहल छैथ। सांस लेबा म' परेशानी भेला सँ लोग सभ म' बेचैनी केर शिकायत सेहो बढ़ल अछि। अस्पताल म' आबै बला 70 फीसद मरीज सांस संबंधी बीमारी केँ शिकायत करैत छैथ।

पीएमसीएच के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.राकेश कुमार शर्मा कहला कि मौसम म' बदलाव के असर बच्चा सभ पर बड़ा पैमाना पर देखल जे रहल अछि। एखुनका तापमान आरएसवी वायरस क' सपोर्ट क' रहल अछि। एहि वायरस के कारण बच्चा सभ सांस संबंधी बीमारि के शिकार भ' रहल छैथ।

पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. लखीन्द्र प्रसाद कहला कि एखन ठंड के कारण सूर्योदय सँ पहिने टहलब काफी नुकसानदायक अछि। खासकरीकेँ  रक्तचाप, मधुमेह आर  दिल के रोगि सभ क' एहेन मौसम म' विशेष सावधान रहबाक जरुरत छैन्ह। 

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