यदि अपने सच म' समाजसेवी छी तेँ समाज सेवा करबाक लेल एहि सँ नीक अवसर कहियो नहि भेटत। - मिथिला दैनिक

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बुधवार, 9 नवंबर 2016

यदि अपने सच म' समाजसेवी छी तेँ समाज सेवा करबाक लेल एहि सँ नीक अवसर कहियो नहि भेटत।

यदि अपने सच म' समाजसेवी छी तेँ समाज सेवा करबाक लेल एहि सँ नीक अवसर कहियो नहि भेटत। अपने निम्न प्रकारे समाज सेवा क' सकैत छी। सभ सँ नीक गप इ जे एहि समाज सेवा म' अपनेक एको पाई खर्च सेहो नहि होयत। यदि अपने जागरूक देशवासी छी तेँ निम्न प्रकारे समाज/देश केर सेवा करी।

अगर अपने अप्पन ड्राइवर, चपरासी वा आन कुनु सहकर्मी क' वेतन के रूप म' 1000 या 500 के नोट देना छी तेँ ओ वापस ल' हुनका 100 टक्का के नोट देबाक प्रयाश करि। अपनेक घर दुइ दिन धरी कहूना चल जायत मुदा अप्पन सहायक लोग जे रोज - रोज कमबैत आर खाय छैथ जिनका लग बैंक केर खाता सेहो नहि होयत छैन्ह ऐना म' ई स्वर्ण मौका अछि सोशल वर्क करबाक आर पुण्य कमेबाक। गरीब से लेल गेल सभ 1000 या 500 के नोट अपने अगला  50 दिन म' आराम से अप्पन बैंक खाता म' जमा करा सकैत छी मुदा ओ नहि।

अगर कुनु रिक्शावाला, दूधवाला या सब्जीवाला अपने सँ 1000 या 500 के नोट बदलबाक लेल कहे तेँ सज्जन आर राष्टभक्त नागरिक के नाते हुनकर मदद करी। किएक जे अपने सक्षम छी बाद म' बैंक खाते म' जमा करवा सकैत छी। अगला किछ दिन धरी अपने कुनु पैघ ख़र्च नहि करि। ऐना केला सँ अपने अप्पन संगे संग दोसरो केर मदद करब आर देश म' अनावश्यक भीड़ बैंक म' नहि होयत।

एखन किछ दिन बेसी सँ बेसी ऑनलाइन व्यवहार करी या फेर क्रेडिट या डेबिट कार्ड केर इस्तेमाल करि आर बचाओल गेल पाई  कुनु गरीब के 1000 या 500  नोट से बदैल दी।कुनु तरहक अफवा नहि पसारी नहि पसरे दी। हम सभ सरकार केँ पूर्ण रुपे सहयोग करी।