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हम झोरा लऽ कऽ हाट दिस किछु हरियर तरकारी लेवाक हेतु विदाह भेल छलहु ! लाल कक्का'क दनान सोंझा गेलहु कि बुझना गेल जे कियहु हमर नाँउ ल'क सोर कऽ रहल अछि , हम पाछू घूरि के तकलहु तऽ देखैत छी लाल कक्का दनान पर संऽ बमबम छऽ हउ बमबम हाऽक दऽ रहल छलाह!

हम कहलियैन हँऽ कक्का हमहि छी कि बात !

लाल कक्का :- एम्हर पहिने आबह ने तखन कि, बाटे पर संऽ सब बात कहि दिऽ ? ओना कतऽ विदाह भेल छलह ?

हम :- नहि कतहु कने घर मे तिमन - तरकारी सधल छलहि सैह सब अनावा हेतु निकलल छलहु ! आहाँ कहु जे कोन प्रयोजन छल हमरा सँऽ ?

लाल कक्का :- हउ प्रयोजन किछु नहि छल ! ( डिब्बा सँऽ लड्डू नीकालि ) हे इ लैह पहने मुंह मिठ करऽ !

हम संसय भरल नजरि सऽ हुनका मुंह दिस तकैत बजलहु कोन खुशी मे इ लड्डू लाल कक्का से नहि बुझि सकलहु हम ?

लाल कक्का :- बउआ'क बुझऽ जे  सरकारी नौकरी लाइग गेलह ! ताहि द्वारे हम बउआ'क फोन करवा संऽ पहिनहि कहलिएहि जे किआक ने बाबा डिहवार के प्रसाद भोग लगा क सबहक मुंह मिठ कयल जाय !

हम :- से के कहलक यउ कक्का जे बउआ के सरकारी नौकरी लाइग गेलहि ? हमरा तऽ काल्हि खन गप्प भेल छल तऽ पूछलिए परिक्षा जे देनेे छलहक तकर कि भेलऽ तऽ कहलक जे परिक्षा तऽ नीक अंक संऽ पास केने रहि परंच मेधा सूचि मे हमर नाँउ नहि आयल ! अहाँ कहैत छी जे कि नाऽ छीयै जे नौकरी लाइग गेलय ! कोन आधार पर कहैत छियैक से नहि जानि ?

लाल कक्का :- अच्छऽ आब एकटा बात तूंहि कऽ जे गूलटेन'क  बेटा कैऽ जे नौकरी भेलहि से सगर गांउ मे हल्ला छय कि नहि ? बाजह - बाजह - - -

हम :- हँ ओकरा तऽ ठीके भेलहि अछि ! आ से हमरहु बुझल अछि आओर हम अपना आँखि संऽ नेट पर सेहो देखलिएहि अछि जे मेधा सूचि मे ओकर नांउ छैइक ! ओकरा नोकरी होयवा मे कोनो संसय नहि छैइक !

लाल कक्का :- तखन हम कोन बेजाय बुझलिएहि ? गुलटेन'क बेटा आ बउआ संगहि संग परिक्षा देने छलहि आओर साक्षातकार सेहो संगहि भेल छलहि आ ओहय छौंड़ा हमरा कहने सेहो छल जे हमरा सऽ ४० अंक बेसी अछि अहाँ बेटा'कऽ ! तखन हम तोरहिं सऽ पूछैत छियह जखन ओकरा नोकरी भऽ गेलय तखन बउआ कऽ नहि भेल हेतय ? से तूं हमरा कहऽ कने ?

हम तऽ आब भारी मोसकिल मे पड़ि गेलहु जे हिनका कोना कऽ बुझाबि जे ओकरा आरक्षण भेटल छय तांहि ओकरा कमहुं अंक रहला पर भऽ गेलय आ हुनकर बेटा'क बेसीयो अंक रहला पर नहि भेलनि !

ताथापि हम कहलिएनि यउ कक्का ओकरा सब मे दोसर बात छैइक !

लाल कक्का :- कि दोसर बात छैइक ओकरा मे हउ ? ओकरा संऽ ४० अंक बेसी अनने अछि बउआ परिक्षा मे , ओकरा सऽ पढ़य मे होसगर अछि देखय छहक जे ओ पटना मे ओकरा सन सन विद्यार्थि कें पढ़बय अछि ! आ इ गाम मे बापक पैसा सऽ अबरपानी करैत रहैत अछि ! हउ देखय छहक जे बउआ गांउ अबैत अछि तऽ टोल परोस केर छौंड़ा सब ओकरा संऽ पढ़ाई - लिखाई संबधी बात सब पूछय लेल अबय छय ओकरा लग कहाँ कियो जाइत छैइक किछु पूछय लेल ? किछु तेहन बात रहितैक तऽ सब ओकरहि लग जयतैक ने आ'कि एकरा लग अबितहि से कहऽ ?

हम :- हमर कहवाक तात्पर्य से नहि अछि जे ओ बउआ संऽ बेसी चंसगर अछि !

लाल कक्का :- तखन कि छऽ तोरा कहवाक भाव जे गूलटेन लग बेसी धन - सम्पति छैइक आ हमरा लग से नहि अछि सैह ने ?

पूणः हम अकच्छ भऽ कऽ कहलिएनि यउ कक्का हमरा कहवाक भाव से किआ रहत ! ओ दलित छियहि से नहि अहाँ'क बुझल अछि ? आ दलित सब कैंऽ सरकारी काम - काज , नौकरी चाकरी सब मे ओकरा सब कैऽ आरक्षण भेटल छहि ! ओकर कोटा बान्हल छैइक नोकरी चाकरी मे ओहि कोटा मे ओकरा कनियहु अंक रहतहि तइयो आ बेसी रहतय तइयो नोकरी अोहि मे ओकरहि टा हेतहि बुझलिएहि आब ?

लाल कक्का :- ऐं हउ तों ओकरा दलित कोन आधार पर कहैत छहक से नहि कहि ? परंच हम तऽ ओकरा फलित बुझैत छियैक देखैत छहक जे दिन दूगुणा आ राति चौगुणा करोड़ों कैऽ सम्पति बनेने अछि ! कतऽ सऽ कोन धन हाथ लगलहि से नहि कहि ? वन विभाग मे छोट - छिन नोकरी करैत छल से आय देखय छहक जे , ओ गाछी -विर्छी , खेत - पथार , घर - घरारी , गाड़ी - घोड़ा , रहन - सहन , भेष -भूषा कोन हिसाब सऽ तोरा ओ दलित बुझाइत छऽ से कहऽ ?

हम जेतक बात कऽ सोझराबैत छलहु ततेक ओ बात ओझरा दइत छलथि आ हमरा देर होइत छल बजार जेवा'क लेल तथापि करब कि बिनु हुनक प्रश्न'क उत्तर देनहि जा नहि सकैत छलहु एकटा लड्डू हमरा महग पड़ि रहल छल ! हम सोचिते रहि कि पूणः लाल कक्का टोकारी दैइत कि भऽ गेलह तोरा , एना किआ एक्के बेर चूप्प भऽ गेलह ?

हम :- हमरा बुझने आ नहि बुझने कि हेतैक ? गांउ समाजक लोक ने ओकरा फलित बुझैत छैइक परंच सरकार ओकरा दलिते बुझैत छैइक !

लाल कक्का :- कोन आधार पर सरकार ओकरा दलित बुझैत छैइक से कहऽ तऽ कने ?

हम :- किआ'क तऽ ओ छोट जाति संऽ संबध रखने अछि ! ओकर जाति नीच छैइक ताहि द्वारे ओ दलित आरक्षित छैइक !

लाल कक्का :- मात्र एतवहि कारण संऽ सरकार ओकरा दलित बुझैत छैइक नहि हउ ? तखन तऽ इ सरकारे महाबुड़ि सबहक छियैक ! ओकरहि जाति तऽ रामचन्द्रा , ढ़ोरबा , मोकना , घूरना , बंसीया , सजना , पंचा छैइक ओकरा किआक ने सरकार दलित बुझैत छैइक ओकरा कहाँ कुनो लाभ भेटैत छैइक ? ओकर सबहक धिया - पूता कऽ कहाँ नौकरी - चाकरी होइत छैइक कि ओकरा लेल इ आरक्षण नहि छैइक कि ?

हमहु मोने - मोन कहिलिएहि हिनको गप्प तार्किक छैन्ह मुदा एम्हर ध्यान के देत ? हमरा गुमसुम देखि कि भेलह तोरा आब किआक ने जबाव फूराइत छऽ ?

हम :- यउ कक्का इ सब संवैधानिक बात थिकैक ओहि मे हम अहाँ कि कऽ सकैत छियैक सब ओहि अनुसार चलैत अछि !

लाल कक्का :- तों हमरा एतेक बुड़ि बुझि लेलऽ कि ? संविधान लिखनाहर सब एतेक मुर्ख छलैक कि ? कि एहन गलती करितैक , हमरा सब समय मे संविधान नहि छलैक कि ?  सब इ चोट्टा नेतवा सब केंऽ कुचक्र चालि छियैक छोड़ऽ छोड़ऽ हम सब बुझैत छियैक ! हम कहैत छिअऽ जे दलित ओ ने जे दलदल मे हो गरीबी , भूखमरी , बिमारी , छूआछूत , अशिक्षा , बेगारी दलित ओ जकरा रोटी , कपड़ा आओर मकानक नहि जूमै छैइक कि दलित ओ जे सब किछु संऽ परिपूर्ण हो से कहऽ ! कोनो जाति'क रहै ताहि संऽ कोन मतलव ? खैर जाय दहक - -

हम :- एतेक बात नहि बुझबय कक्का अहाँ !

लाल कक्का :- हं हउ छोड़ऽ ने हम सब बुझैत छियैक एतय भोंट पर चोट छैइक ! कहबी नहि छहि जे चिक्कस संगे घून सेहो पिसाइत अछि सैह बला बात छैइक ! नहि तऽ अलूड़िहा सब कहुं अभियंता बनैक जकरा सूइया तक नहि देल हो ओ सरकारी अस्पतालक डाकदर होइतहि जकरा अपन नांउ - गांउ नहि लिखल होइत छैइक से कहुं शिक्षक होइतहि ? पहिने जे पढ़य छलैक से बढ़य छलैक ! जकरा लूड़ि रहैत छलैक तकरा काज भेटयत छलैक मुदा आब उलटहि गवारे सबहक चलती छैइक ! तखन जे होइत छैइक से हुऽ दहक ठीके हम तों तखन कि कऽ सकैत छऽ ? भगवान बचावथि एहि देश कैंऽ एहि आरक्षण'क कीड़ा सऽ ! जाऽ  आब तोहुं जतय जाइत छलह - -

हम :- आब कतय जायब हाट उसड़ियो गेल हेतय ! तखन आब घरे दिस जाइत छी जे दशा हुअऽ घर पर आब - - -बाबा डिहवार पहिने हमरा बचावथि बेलना'क मारि संऽ

     वी०सी०झा"बमबम"
                                 कैथिनियाँ

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