बीहनि कथा (औठगन) - वी०सी०झा "बमबम" - मिथिला दैनिक

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गुरुवार, 22 सितंबर 2016

बीहनि कथा (औठगन) - वी०सी०झा "बमबम"

~ बउआ , रउ बउआ - - - -
~ आंय - - - ! कि कहय छंऽ ?

~ उठ ने रउ , कतेक भुकबय छंऽ ?
~ आंय एखने ? एखन तऽ अन्हारे छय !

~ देखही ने सब उठबो केलय आ तोंऽ - - -
~ सब उठलय तऽ हम कि देखबय अयमे ?

~ रउ बतपदौना उठलैं कि पानि देबउ देह पर ?
~ परंच आय एखने किआ उठबय गई ?

~ ओंठगन नहि करबहि  कि ?
~ हँ हँ ऽ ! हे हइया उठलहुं ! परंच अमौट घोरने छंऽ कि ?

~ नय चूरा - दही छउ !
~ गऽई माय , जाबत अमौट नहिं घोरबैंऽ ताबत हम नहिं उठबउ ! आ नहि ओंठगन करबउ से बुझि लहि !

~ बाउ ! आब अमौट कतय संऽ अनबय ?
~ तखन हम निंन कतय संऽ तोरबय ?
आ ओंठगन कोना कऽ करबय ?


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