जितिया पावैन पर सुन्दर रचल कविता मणिकांत झा द्वारा. - मिथिला दैनिक

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गुरुवार, 22 सितंबर 2016

जितिया पावैन पर सुन्दर रचल कविता मणिकांत झा द्वारा.


जितिया पाबनि
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जितिया सन पाबनि देश मे ने आन छै
माँछ संग मरूआ एकर पहचान छै
मरूआ रोटी संग मारा ओ गैंची
खरि तेल चढ़नि से सरिसो की रैंची
झीमनीक पात के सेहो विधान छै
जितिया सन पाबनि देश मे ने आन छै ।
अध रतिए मे दाइ माइ के ओंगठन
धीया पुता सब लागय जेना टनमन
चूड़ा दही संग अमोटक ओरियान छै
जितिया सन पाबनि देश मे ने आन छै ।
चील्हो सियारक कथा केर वाचन
डाली सजा कय नदी तीर आसन
मणिकांत देवता ई जिमूत वाहन छै
जितिया सन पाबनि देश मे ने आन छै ।
      मणिकांत झा , दरभंगा ।
          २२-०९-१६